नया सवेरा योजना से कर्ज लेकर विकास कार्य कराने की पालिका प्रशासन की मंशा धरी रह गई। अब मद में धन उपलब्ध न होने पर पालिका किसी भी विकास कार्य के टेंडर नहीं निकाल सकेगी। डीएम ने योजना के लिए कार्रवाई करने सहित बिना धन के टेंडर निकालने पर रोक लगा दी है। डीएम के आदेश के बाद से पालिका में हड़कंप मच गया है। इस आदेश के बाद पालिका द्वारा निकाले गए 73.50 लाख के टेंडर पर तलवार लटक गई है।
नगर पालिका ने विकास कार्यों के लिए धन की व्यवस्था करने को नया सवेरा योजना से कर्ज लेने का निर्णय लिया था। इस संबंध में पालिका ने बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित कर लिया, लेकिन इस प्रस्ताव को मुख्य प्रस्ताव में शामिल न कर अन्य प्रस्ताव में शामिल किया। इसकी भनक कर्मियों को लगी तो कर्मियों ने वेतन पेंशन मंद से योजना का भुगतान होने की व्यवस्था के मद्देनजर अपना विरोध दर्ज कराया। पालिका ने मद में धन न होने के बाद भी लगभग 73.50 लाख रुपये के टेंडर निकाल दिए। इन टेंडरों को 22 जून को डाला जाना था।
टेंडर खुलने की तिथि 24 जून निर्धारित की गई। डीएम आरपी सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नया सवेरा योजना पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने पर रोक लगा दी। इसके साथ ही उन्होंने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया कि मद धन न होने पर ही टेंडर निकाले जा सकेंगे। धन को दूसरे मद में खर्च नहीं किया जा सकेगा। बिना धन के टेंडर निकालने पर वे स्वयं निरस्त माने जाएंगे। इस आदेश के बाद पालिका से निकाले गए लगभग 73.50 लाख के 36 कायों पर तलवार लटक गई है। इस आदेश से पालिका में हड़कंप है।
पालिका से मांगा आय-व्यय का ब्योरा
कासगंज। डीएम ने नगर पालिका की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए वित्तीय वर्ष की आय-व्यय का पूरा विवरण मांगा है। विवरण तीन दिन में देने के निर्देश दिए गए है। विवरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने को भी कहा गया है।
जिलाधिकारी के आदेश के बाद पालिका ने टेंडर को अग्रिम आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। टेंडर पर आदेश मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी
- श्रीश मिश्रा, अधिशासी अधिकारी