यह जमीन पॉश एरिया नेहरू नगर और एमजी रोड के बीच में है। इसके पीछे एक अन्य मार्ग है। तीनों मार्गों के सर्किल रेट अलग अलग हैं। नियमानुसार उच्चतम सर्किल रेट लगाया जाता है। लेकिन इस मामले में नौ हिस्से करके आठ हिस्सों का निम्नतम सर्किल रेट लगाया गया। सिर्फ एक हिस्से का उच्चतम (1.10 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर) सर्किल रेट लिया गया।
अगर सभी हिस्सों का उच्चतम सर्किल रेट लिया जाता तो जमीन की कीमत 158.75 करोड़ रुपये होती। लेकिन इसे सिर्फ 49.97 करोड़ में फ्री होल्ड कर दिया गया। शासन में जब इसकी शिकायत की गई तो हाल ही में एडीएम वित्त एवं राजस्व रमेश चंद्र ने इसकी जांच की। उन्होंने इस संबंध में पूर्व में डीआईजी स्टांप द्वारा की गई जांच का भी हवाला दिया। उन्होंने इस जमीन का आकलन 158.75 करोड़ रुपये किया था। इस हिसाब से शासन को 108 करोड़ की क्षति हुई।
नेहरू नगर और एमजी रोड के किनारे की जमीन का सर्किल रेट एक लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर था। भूखंड के दोनों ओर मार्ग होने की स्थिति में दस हजार रुपये और बढ़ जाते हैं। 1.10 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भूखंड की दर तय होनी चाहिए थी।
निबंधन विभाग ने क्रेता से साठगांठ कर इस जमीन को नगला पदी में दर्शा दिया। इसका सर्किल रेट 13,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इसी हिसाब से पांच हिस्सों की दर निर्धारित की गई, जबकि शेष चार भूखंडों की अलग-अलग।
इनको की गई फ्री होल्ड
प्रमोद कुमार अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, संजय कुमार अग्रवाल, मैसर्स शिवा बिल्ड वैल प्राइवेट लिमिटेड, कांती प्रसाद अग्रवाल, तरुणा अग्रवाल, प्रमोद कुमार अग्रवाल, सर्व प्रकाश कपूर और नमिता अग्रवाल।
शिकायत के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व के माध्यम से तवक्कले हाउस को फ्री होल्ड करने की जांच कराई गई है। इसमें एएआईजी स्टांप को दोषी पाया गया है। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।- एनजी रवि कुमार, जिलाधिकारी