मैनपुरी। गरीबों के राशन का घोटाला करने वाले कोटेदारों पर पुलिस मेहरबान है। मामले में दो महीने बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी तक नहीं हो सकी है। पुलिस जहां मुकदमे की धाराओं में गिरफ्तारी का प्रावधान न होने की बात कह रही है, वहीं कानूनी जानकार उन धाराओं में आजीवन कारावास तक का प्रावधान बता रहे हैं। ऐसे में साफ है कि कहीं न कहीं पुलिस आरोपियों को बचाने में जुटी हुई है।
जिले में राशन हड़पने का मामला सामने आया तो पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। प्रदेश के 43 जिलों में ये घोटाला किया गया है, जिसमें मैनपुरी भी एक है। यहां फर्जी आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक कर राशन निकाला गया था। मामले की जांच हुई तो प्राथमिक जांच में 17 कोटेदार, सात आधार कार्ड धारक व दो ऑपरेटर के नाम सामने आए। बीते एक सितंबर को इन सब पर पूर्ति निरीक्षक दीपक जैन ने मैनपुरी कोतवाली में धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमा दर्ज कराने के बाद पूर्ति विभाग ने तो इस मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया। अब बारी थी पुलिस द्वारा कार्रवाई करने की, लेकिन पुलिस तो घोटालेबाजों पर मेहरबान है। इसीलिए अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
इन धाराओं में हुआ था मुकदमा
राशन घोटाले में आरोपियों पर आईपीसी की धारा 467, 468, 471, 420 व आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा तीन और सात में मुकदमा हुआ था। दीवानी के वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष पांडेय एडवोकेट का कहना है कि धारा 467 व 471 में दस साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इसमें गिरफ्तारी का भी प्रावधान है। जबकि धारा 420 व 468 में सात साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान है। पूर्व डीजीसी सुभाष चंद्र यादव का भी कहना कुछ ऐसा ही है।
898 राशन कार्डों से निकाला था राशन
जिले में राशन घोटाला 898 राशन कार्डों से किया गया था। इन राशन कार्डों में सात फर्जी आधार जोड़कर राशन निकाला गया था। जांच के दौरान पूर्ति विभाग ने छह लाख कीमत के राशन के घोटाले का आकलन किया था। इसमें अनाज व मिट्टी का तेल भी शामिल था।
पूर्ति विभाग के दो ऑपरेटर थे शामिल
राशन घोटाले की पूरी साजिश जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में ही रची गई थी। क्यों कि यहां आधार फीडिंग के लिए तैनात दो ऑपरेटर शेखर व जनार्दन ने ही फर्जी आधार राशन कार्डों से लिंक किए थे। मामला खुलने के बाद से ही दोनों ऑपरेटर फरार चल रहे हैं।
पूर्ति विभाग पर एक नजर
-789 हैं जिले में कुल दुकानेें
-106 शहरी क्षेत्र में हैं दुकानें
-683 ग्रामीण क्षेत्र में हैं दुकानें
-45894 हैं अंत्योदय राशन कार्ड
-2.73 लाख है पात्र गृहस्थी कार्ड