वृंदावन (मथुरा)। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना में आ रही अड़चनों को दूर करने की कवायद शुरू की गई है। शनिवार को केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय से नमामि गंगे प्रोजेक्ट की चार सदस्यीय टीम ने यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना का निरीक्षण किया।
टीम आगामी नौ अप्रैल को एनजीटी में होने वाली अगली सुनवाई से पहले अपनी रिपोर्ट रखेगी। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना को लेकर अपना अगला आदेश दे सकती है। नमामि गंगे परियोजना के अधिकारी अजय कुमार, ईश्वर सिंह, इजाम और सराजुद्दीन अहमद ने कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के सीपी सिंह, सतीश कुमार, संजीव तिवारी और शैलेश सारस्वत के साथ स्थलीय निरीक्षण किया।
टीम ने यमुना रिवर फ्रंट में अब तक हुए विकास कार्यों को परखा और बाकी कार्य की जानकारी दी। साथ ही यमुना शुद्धिकरण को लेकर भी अधिकारियों ने रणनीति बनाई। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास, धर्मरक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़, आचार्य बद्रीश, श्रीदास प्रजापति, सोहनलाल आचार्य, रमेश सिंह सिसौदिया उपस्थित थे।