हर साल दीपावली का त्योहार अग्निशमन विभाग के लिए चुनौती लेकर आता है। साल दर साल अगिभनकांड बढ़ रहे हैं, लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हैं। विभाग के पास स्टाफ का टोटा है। साथ ही आतिशबाजी की वजहाईड्रेंट प्वाइंट भी सड़कों में दफन हो गए हैं। इसके साथ ही अगिभनकांड के दौरान गलियों में दमकल नहीं पहुंच सकती।
दीपावली पर ह से अग्निकांड की घटनाएं होती हैं। हर साल लाखों की क्षति होती है। हर साल त्योहार से पहले जिला प्रशासन अग्निशमन विभाग को मुस्तैद रहने के निर्देश देता है। इस बार भी निर्देश दिए हैं लेकिन विभाग में संसाधनों और स्टाफ का टोटा है। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी हैं। शहर में घंटाघर, ठंडी सड़क, जीटी रोड आदि स्थानों पर बने हाईड्रेंट प्वाइंट भी बंद हैं। कु छ साल पहले तक शहर में 40 फायर हाईड्रेंट होते थे, मगर अब सब खत्म हो गए हैं।
विभाग अब पालिका परिषद के लगे सात ट्यूबवेल से पानी लेता है और आकस्मिक स्थिति में कासगंज रोड स्थित तीन फैक्ट्री यूनिटों से भी पानी लिया जाता है। शहर की कई ऐसी गलियां और सड़कें हैं जहां आग लगने पर गाड़ी अंदर पहुंच नहीं सकती। ऐसे में कोई बड़ी घटना होती है तो विभाग कैसे निपटेगा। सीमित संसाधनों में काम चल रहा है।
स्टाफ का अभाव है, लेकिन कार्य चल रहा है। इसके साथ ही सारे उपकरणों को दुरुस्त करा दिया है। हाईड्रेंट प्वाइंट का काम ट्यूबवेल और इंडस्ट्रीज से पानी लेकर किया जाता है। उन्होंने बताया कि दीवाली पर्व पर अगिभनकांड से निपटने को विभाग पूरी तरह से तैयार है।
- शिवदयाल शर्मा, अग्निशमन अधिकारी
दो दिन में मांगी आख्या
अगिभनशमन अधिकारी को फायर हाईड्रेंट को सही कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जलनिगम के साथ मिलकर सभी हाईड्रेंट की कपलिंग को दुरुस्त कराया जाए। दो दिन में जलनिगम के अधिकारियों के साथ निरीक्षण करेंगे।