इसी गड्ढे में उूबकर हुई बालक की मौत
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मैनपुरी। गांव नगला नया के समीप स्थित प्राथमिक विद्यालय नगला हरसुख में बुधवार को छह वर्षीय छात्र की स्कूल प्रशासन की लापरवाही के चलते जान चली गई। दो माह से विद्यालय के बाहर खुदे पड़े गड्ढे में भरे पानी में डूबकर उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों ने स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है स्कूल की बाउंड्री के बाहर खोदे गए गड्ढे की मिट्टी विद्यालय परिसर में डलवाई गई थी। मगर किसी ने गड्ढे को बंद कराने की जरूरत नहीं समझी।
कोतवाली क्षेत्र के नगला नया निवासी सुमन देवी का छह वर्षीय पुत्र वीकेश शंखवार प्राथमिक विद्यालय नगला हरसुख में कक्षा एक का छात्र था। वह सुबह विद्यालय में पढ़ने के लिए गया था। स्कूल भवन में मुख्य द्वार पर कोई गेट चढ़ा न होने से बालक स्कूल के बाहर निकल आया। इस बीच लापरवाह स्कूल स्टाफ ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। करीब 11:30 बजे बच्चा विद्यालय की बाउंड्री के बाहर खुदे गहरे गड्ढे में गिर गया। वह काफी देर तक वहां तड़पता रहा मगर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
कुछ देर बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया और उसका शव गड्ढे में तैरने लगा। इस बीच मार्ग से गुजर रहे ग्रामीणों ने शव गड्ढे में पड़ा देखकर परिवारीजनों को जानकारी दी। वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्कूल का स्टाफ व बच्चे भी बाहर आ गए। शव को आनन-फानन में गड्ढे से बाहर निकाला गया। माता-पिता विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था दो माह पूर्व स्कूल की बाउंड्री के बाहर गड्ढा खुदवाकर मिट्टी परिसर में डलवा ली गई थी। मगर लापरवाह विद्यालय स्टाफ ने अभी तक गड्ढे को नहीं भरवाया। वहीं बच्चे का भी वहां कोई ध्यान नहीं रखा गया। स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से ही बच्चे की मौत हुई। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी पहुंच गई।
मेरे बच्चे का ख्याल रखना
बुधवार सुबह जब वीकेश की मां सुमन शंखवार उसे विद्यालय छोड़ने गई थी तो प्रधानाध्यापिका से कहा था कि मेरे बच्चे का ख्याल रखना। बच्चे का शव गोद में लिए मां का रो-रोकर बुरा हाल था।
प्रभारी बीएसए जेपी पाल का कहना है कि बच्चे के डूबने के मामले की कोई जानकारी नहीं है। यदि स्कूल के स्टाफ की लापरवाही सामने आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।