नुकसान -1: दो महीने में टूट रहीं सड़कें
कोलतार (तारकोल) की जगह काला तेल बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। ठेकेदार ज्यादा मुनाफे के चक्कर में ऐसा कर रहे हैं। काले तेल से बनी सड़क कोलतार के मुकाबले ज्यादा काली नजर आती है। लोग समझते हैं कि यह बढ़िया किस्म के कोलतार से बनी है। लेकिन काला तेल कम टिकाऊ होता है। यह रोड़ी से कम चिपकता है। क्योंकि इसमें कोलतार कम होता है। इससे बनी सड़कें दो-तीन महीनों में ही टूट जाती हैं।
नुकसान - 2 : गरीबों से छिन रहा केरोसीन
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि काला तेल बनाने के लिए जिस केरोसीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह राशन डीलरों के पास से आ रहा है। यह केरोसीन कार्ड धारकों को वितरित करने के लिए दिया जाता है। उन्हें न देकर राशन डीलर तेल माफियाओं को बेच देते हैं। यह खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है।
तेल का खेल
एक लीटर कोलतार में पांच लीटर केरोसीन मिलाकर काला तेल बनाया जाता है।
कोलतार 40-50 रूपये प्रति किलो है जबकि काला तेल 10-15 रुपये किलो पड़ता है।
काले तेल को गाढ़ा करने के लिए इसमें केमिकल पाउडर मिलाया जाता है।
काले तेल में ही ज्वलनशील पाउडर मिलाकर इसे फरनेस ऑयल की जगह इस्तेमाल किया जाता है।
काले तेल के काले कारोबार से एक बार फिर पर्दा उठा है। पुलिस ने पुराने तेल माफियाओं के काले चिट्ठे खंगालना शुरू किया है। अफसर यह जानकर हैरान हैं कि इस गोरखधंधे में दो-चार नहीं, बल्कि 100 तेल माफिया जुड़े हैं। पहले यह पूरा खेल मथुरा से चल रहा था। लेकिन वहां सख्ती होने पर आस पास के जिलों में फैल गया। अब आगरा, फीरोजाबाद, एटा, अलीगढ़ और भरतपुर में बड़े पैमाने पर काले तेल का खेल चल रहा है। माफियाओं की काली कमाई करोड़ों में है।
मथुरा में रिफाइनरी बनने के साथ ही काले तेल का खेल शुरू हो गया था। दरअसल, रिफाइनरी से निकलने वाले कोलतार (बिटुमिन) के कैंटर तेल माफिया तक पहुंच जाते हैं। बिटुमिन के कई लाइसेंस धारक ही इसे गलत हाथों में बेच देते हैं। मथुरा में पिछले सात सालों में ऐसी 20 इकाइयां पकड़ी गई जिनमें काला तेल बनाया जा रहा था।
इसके बाद यह काला कारोबार मथुरा से हटकर आस पास के जिलों में शिफ्ट किया गया। पिछले साल तत्कालीन डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने छापामारी कराकर फीरोजाबाद, मैनपुरी और आगरा में इस खेल का खुलासा किया था।
1 :: काले तेल के इस कारोबार मेें जितने भी माफिया शामिल हैं,सभी को पकड़ा जाएगा, लखनपुल वाले केस कई लोगों की तलाश है - सुशील घुले ( एसपी सिटी )
2:: कोलतार में केरोसीन और केमिकल पाउडर मिलाकर काला तेल बनाया जा रहा है। इसके मामले पहले पकड़े गए हैं। अब फिर कार्रवाई की जा रही है - वेद प्रकाश ( एआरओ, आपूर्ति विभाग )
3:: अगर कोलतार में मिलावट की जाती है, तो निश्चित रूप से सड़क की गुणवत्ता पर फर्क पड़ता है, इस तरह के मामले विभाग की लैब में पकड़े भी जाते हैं - मसर्रत नूर खान ( मुख्य अभियंता, पीडब्लूडी)