आगरा में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां मां-बाप की आंखों के सामने वाहन ने 10 वर्षीय बेटे को कुचल दिया। मां-बाप के हाथों में इकलौते बेटे ने दम तोड़ा तो वह बिलख पड़े।
उत्तर प्रदेश के आगरा में फिरोजाबाद-आगरा हाईवे पर झरना नाले के पास मंगलवार दोपहर को अज्ञात वाहन की टक्कर से मां-पिता के सामने 10 साल के बेटे की जान चली गई। पीछे से आते वाहन की स्कूटी में टक्कर लगने पर बेटा दूर जा गिरा। इसके बाद वाहन उसे रौंदता हुआ निकल गया। हादसे में बच्चे की मां और पिता भी गंभीर घायल हो गए। इकलौते बेटे की मौत से बेहाल मां अस्पताल में बेहोश हो गईं।
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मूलरूप से गांव मोहवली, थाना रिजावली, फिरोजाबाद निवासी नन्हे बाबू उर्फ गिरी चौहान सिकंदरा स्थित नीलम कुंज कॉलोनी में किराये पर रहते हैं। वह एक सिक्योरिटी कंपनी में कार्यरत हैं। पत्नी चांदनी एक सरकारी विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। बेटा वेदांत उर्फ कार्तिक कक्षा दो का छात्र था।
नन्हे बाबू मंगलवार सुबह 10:45 बजे पत्नी और बेटे के साथ स्कूटी से गांव जा रहे थे। फिरोजाबाद हाईवे पर झरना नाले पर पहुंचते ही अज्ञात वाहन ने स्कूटी में टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि कार्तिक स्कूटी पर आगे की तरफ बैठा हुआ था। टक्कर लगने के कारण वह उछल गया। सीधा सड़क पर जा गिरा। इससे वह पीछे से निकलकर जा रहे वाहन की चपेट में आ गया। वाहन उसे रौंदता हुआ निकल गया। कार्तिक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
वहीं नन्हे बाबू और चांदनी काफी दूर जा गिरे। वह बुरी तरह से घायल हो गए। पुलिस ने पहुंचकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश की जा रही है।
बेहाल मां बोली-मेरी कोख उजड़ गई
हादसे में चांदनी भी घायल हुई हैं। पति नन्हे बाबू के सिर में चोट लगी। पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। चांदनी को 2 घंटे बाद होश आया। वह सबसे पहले पति सेे बेटे के हाल के बारे में पूछने लगीं। पहले वह चुप हो गए। बार-बार पूछने पर बताया तो वह चीख पड़ीं। बेहोश हो गईं।
इस पर डॉक्टर आ गए। उनके चेहरे पर पानी डाला। उन्हें होश आया तो फूट-फूटकर रोने लगीं। अस्पताल में मौजूद पति और परिजन ने उन्हें किसी तरह संभाला। रोते हुए एक ही बात बोल रही थीं कि मेरी कोख उजड़ गई। बेटा क्यों छीन लिया। मां का यह हाल देखकर अस्पताल में मौजूद हर किसी की आंखों से आंसू बहने लगे। परिजन ने बताया कि वेदांत इकलौता था।
हादसे दर हादसे, नहीं इंतजाम
मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद हाईवे हो या फिर फतेहाबाद और शमसाबाद मार्ग 1 सप्ताह में 6 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। फतेहाबाद मार्ग हाल ही में मां-बेटे और बेटी की मौत हुई थी। बस की टक्कर से स्कूली छात्र की जान चली गई थी। इन मार्ग पर वाहनों की गति पर ब्रेक लगाने के कोई इंतजाम नहीं है।
पुलिस हादसों के बाद चेकिंग कर खानापूर्ति करती हैं। मगर, उसका कोई फायदा नहीं मिलता है। इससे हादसे नहीं रुक पा रहे हैं। गत वर्ष सिकंदरा में हाईवे पर ऑटो को ट्रक ने रौंदा था। इसमें 6 लोगों की जान गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने वाहनों की गति पर ब्रेक लगाने के लिए स्पीड मीटर लगाने की तैयारी की थी। मगर, यह सिर्फ कागजी ही रह गई।