जिले के 1.17 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल का झटका लगा है। राज्य नियामक आयोग के स्टे के बाद भी अनमीटर्ड उपभोक्ताओं से बढ़ा हुआ बिल वसूला गया, हालांकि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम यह दावा कर रहा है कि बिल में इसे समायोजित कर दिया जाएगा।
आगरा जिले में छह लाख से ज्यादा विद्युत उपभोक्ता हैं, लेकिन इनमें से 3.06 लाख शहरी क्षेत्र में हैं, जहां टोरंट पावर फ्रेंचाइजी है। देहात में तकरीबन 2.96 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। इनमें से 1.17 लाख उपभोक्ता अनमीटर्ड हैं। राज्य नियामक आयोग ने ग्रामीण क्षेत्र के अनमीटर्ड उपभोक्ताओं से 180 रुपये प्रति कनेक्शन की जगह 180 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से बिजली का बिल लेने के विद्युत विभाग के आदेश पर रोक लगा दी थी। इस स्टे के बाद भी निगम ने बढ़ी दर पर उपभोक्ताओं से बिल वसूल लिया। प्रति कनेक्शन 180 रुपये की जगह प्रति किलोवाट 180 रुपये का बिल लेने के आदेश से कई उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल देना पड़ा। प्रदेश स्तर पर 300 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं की जेब से पावर कारपोरेशन के खजाने में ज्यादा जमा किए गए हैं। विद्युत नियामक आयोग ने जब इसकी रिपोर्ट मांगी तो अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि आगरा में ज्यादा बिल लेने का मामला सामने नहीं आया है। अगर किसी से ज्यादा बिल लिया भी गया है तो उसे आगामी बिलों में एडजस्ट किया जाएगा।
ट्यूबवेल कनेक्शन पर ले चुके ज्यादा बिल
पावर कारपोरेशन ने बीते वर्ष अक्तूबर में टीटीजेड क्षेत्र में किसानों से ट्यूबवेल पर 220 रुपये प्रति हार्स पावर का बिल लेना शुरू किया था। विधायक डा. धर्मपाल ने जब यह मामला उठाया तो फरवरी में 160 रुपये प्रति हार्स पावर का बिल कर दिया गया। किसानों से बढ़ा हुआ बिल फिर भी जारी रहा तो मामला पावर कारपोरेशन के चेयरमैन तक पहुंचा था। तब भी किसानों के बिल अगले महीने में एडजस्ट कराए गए थे।