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प्रोफेसरों के सामने कक्षा से घसीटकर छात्रों को पीटा

Sat, 04 Jan 2014 10:26 AM IST
अमर उजाला, इलाहाबाद
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच और अध्यक्ष को हटाने की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्रों की शुक्रवार को पुलिस से फिर भिड़ंत हो गई।
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बृहस्पतिवार को पुलिस की तरफ से हुए लाठीचार्ज और फायरिंग से नाराज छात्रों ने शुक्रवार को छात्रसंघ भवन पर सभा की। पुलिस सुबह से ही वहां जमा थी।

दोपहर में फोर्स बढ़ा दी गई और छात्रों पर दबाव बनाया गया कि वहां लोगों को उकसाने वाली भाषणबाजी न करें। रोक टोक से नाराज कुछ छात्रों ने पुलिस पर पत्थर फेंक विरोध जताया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

इसके बाद पुलिस विभिन्न विभागों में चल रही कक्षाओं में घुस गई और क्लास से घसीट घसीटकर छात्रों को पीटा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ पुलिसवालों ने प्रोफेसरों से भी अभद्रता की, उन्हें धक्का देकर किनारे किया और छात्रों को निकालकर पीटा गया। इस पूरे घटनाक्रम में कई छात्र हो गए।
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पुलिस पर हमले के आरोप में पांच छात्रों को गिरफ्तार किया गया. जिसमें आप के सदस्य भी हैं। शुक्रवार को छात्र विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर जुटेंगे और हंगामा होगा, पुलिस को इसका अंदेशा पहले से था।

इसलिए विश्वविद्यालय और आसपास के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। केवल विश्वविद्यालय के छात्रों को ही परिसर में जाने की इजाजत दी जा रही थी।

दोपहर साढ़े बारह बजे भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा और आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता छात्रसंघ भवन पहुंच गए और क्रमिक अनशन और सभा शुरू कर दी। इसके बाद वहां कुछ और छात्र आ गए।

भीड़ बढ़ती देख कुछ छात्रों ने उग्र भाषण देना शुरू कर दिया। माहौल तनावपूर्ण होने लगा तो पुलिस ने उन्हें उठाने की कोशिश की। इस बीच विरोध में कुछ छात्रों ने उन पर पत्थर फेंक दिए, जिसके बाद बवाल बढ़ा।

छात्रों को दौड़ाती पुलिस राजनीतिशास्त्र और संस्कृत विभाग में ऊपरी मंजिल तक गई और हर क्लास की छानबीन की। राजनीति विज्ञान विभाग में डॉ. कार्तिकेय मिश्रा ने पुलिस को रोका।

उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थी उनके क्लास के हैं लेकिन पुलिस नहीं मानी। छात्रों ने बवाल के लिए पुलिस के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन को भी जिम्मेदार ठहराया। हंगामे की वजह से दूसरी पारी की परीक्षा भी नहीं हो पाई।

कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर एनआर फारूकी और कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर डॉ. हर्ष का कहना है कि परिसर में घुसने से पहले पुलिस ने उनसे अनुमति नहीं ली। इसके विपरीत पुलिस का कहना है कि छात्रों ने बमबाजी व फायरिंग की।

एसपी सिटी राजेश यादव का कहना है कि छात्रों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, कई पुलिस वालों को चोट लगी। इसके बाद पुलिस को भीतर घुसना पड़ा।

भाजपा विधायक की बढ़ी मुसीबत
भाजपा विधायक केशव प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को हुए बवाल के मामले में पुलिस उनको तलाश तो रही है ही, उनकी कौशांबी में चल रहे एक मामले में मिली जमानत को निरस्त कराने की तैयारी में भी लगी है।

विधायक पर विवि में हुई हिंसा के बाद हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि विधायक घटना के बाद दिल्ली चले गए।

केशव प्रसाद प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन के दौरान विवि में हुई सभा में शामिल हुए थे। पुलिस का आरोप है कि केशव प्रसाद ने भड़काऊ भाषण दिया था।

पुलिस ने सभा की वीडियोग्राफी भी कराई और भाजपा नेता योगेश शुक्ला समेत 28 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विधायक केशव प्रसाद मौर्य समेत सात लोग अभी फरार हैं।

पुलिस ने बृहस्पतिवार रात ही पकड़े गए लोगों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर जेल भेज दिया। एसएसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विधायक ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है।
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पुलिस कौशांबी के न्यायालय में जमानत खारिज करने की अर्जी देने जा रही है। उन पर जमानत की शर्तों के उल्लंघन का आरोप है।

उन्हें यंगरीन के कार्यक्रम के विरोध के दौरान पकड़ा गया था लेकिन बाद में कोखराज में एक व्यक्ति की हत्या का षड्यंत्र रचने के दो साल पुराने मामले में भी गिरफ्तारी दिखा दी गई थी। विधायक हाल ही में रिहा हुए थे।
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