भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की रैली के बाद अब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी पूर्वांचल में चुनावी बिगुल फूकेंगे।
इसके लिए कांग्रेस की ओर से सद्भावना यात्रा की रूपरेखा तैयार की गई है। 22 फरवरी को वाराणसी में इसकी शुरुआत महात्मा बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ से होगी।
समापन पहली मार्च को मिर्जापुर में होगा।
सद्भावना यात्रा का नेतृत्व करेंगे मकसूद
आठ दिन तक चलने वाली इस सद्भावना यात्रा में राहुल गांधी भी शामिल होंगे, लेकिन वह किस दिन शामिल होंगे इसकी तिथि अभी पार्टी ने घोषित नहीं की है।
सद्भावना यात्रा के जरिये कांग्रेस की कोशिश पूर्वांचल की चार लोकसभा क्षेत्रों वाराणसी, चंदौली, भदोही और मिर्जापुर में चुनावी सक्रियता तेज करने की है।
यात्रा का नेतृत्व हाल ही में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किए गए मकसूद खां करेंगे। मकसूद को आगे करके पार्टी अल्पसंख्यक समुदाय के साथ ही युवा मतदाताओं को अपने पाले में खींचने का प्रयास करेगी।
यात्रा की रूपरेखा तैयार
सद्भावना यात्रा में पहले दिन कम से 1000 युवाओं को शामिल कराने की रणनीति बनाई गई है। मकसूद ने बताया कि यात्रा 22 फरवरी को सारनाथ से शुरू होगी और पुराना पुल, कज्जाकपुरा, आदमपुर, विशेश्वरगंज, मैदागिन, कैंट होते हुए लहरतारा संत कबीर की जन्मस्थली पहुंचेगी।
अगले दिन 23 फरवरी को यात्रा लहरतारा से शुरू होकर कलेक्ट्री फार्म, लोहता होते हुए सेवापुरी पहुंचेगी। 24 फरवरी को भदोही, 25 को औराई, 26 को चिल्ह और 27 को मिर्जापुर पहुंचेगी।
वहां विभिन्न स्थानों पर घूमने के बाद पहली मार्च को यात्रा का समापन होगा। बताया कि यात्रा में राहुल गांधी भी शामिल होंगे। इसकी रूपरेखा बन चुकी है। जल्द ही उनके कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।