नाबालिग छात्रा से गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज करने में पुलिस की हीलाहवाली तथा विरोध में जाम लगाने पर लाठीचार्ज से गुस्साए ग्रामीणों ने सकलडीहा तहसील कार्यालय में तोड़फोड़ की और आग लगा दी।
बाद में बड़े अफसरों के दखल पर पांच युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। एसपी शरद सचान ने इस मामले में सकलडीहा कोतवाल डीपी आर्या, सबइंस्पेक्टर रमापति राय और कांस्टेबल क्लर्क हीरा सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सकलडीहा क्षेत्र के एक गांव में सातवीं की 14 वर्षीय छात्रा बुधवार शाम शौच के लिए नहर की ओर गई थी। वहीं एक गैरेज में विक्की, अंकित, प्रिंस और उनके दो रिश्तेदार युवक होली पर मौज-मस्ती कर रहे थे। उनकी नजर अकेली लड़की पर पड़ी तो वे उसको जबरदस्ती गैरेज में खींच ले गए और उन सबने उसके साथ दुष्कर्म किया। उनसे छूटने के बाद लड़की जब घर पहुंची तो उसने परिजनों को आपबीती सुनाई।
परिजन कुछ ग्रामीणों और पीड़ित लड़की को लेकर कोतवाली पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और ग्रामीणों को डांटकर वापस कर दिया। इससे गुस्साए लोगों ने गुरुवार की सुबह सकलडीहा चौराहे पर जाम लगा दिया। सूचना पर कोतवाल मौके पर पहुंचे और लाठियां भांजकर भीड़ को खदेड़ने का प्रयास किया।
इससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। भीड़ ने तहसील परिसर, एसडीएम कोर्ट में घुसकर तोड़फोड़ की। रेकार्ड रूम का ताला तोड़कर उसमें भी आग लगा दी। घटना की जानकारी मिलने पर भारी पुलिस फोर्स, एक प्लाटून पीएसी के साथ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पांचों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
एसडीएम और तहसीलदार ने लोगों को न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए पीड़ित लड़की को मेडिकल जांच के लिए जिला चिकित्सालय भेजा तो ग्रामीण शांत हुए।
बाद में जिलाधिकारी शंभूनाथ और एसपी भी मौके पर पहुंचे। डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र ए. सतीश गणेश भी पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।