पुलिस के मुताबिक शाम करीब छह बजे पूर्व मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश पांडेय का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें पसली की सभी हड्डियां टूटी हुई मिली। इसकेअलावा सिर पर चोट है और रीढ़ की सभी हड्डियां टूटी गई। जिसके कारण मौत हो गई। शरीर के कई हिस्सों में चोट लगे हैं। दोनों हाथ टूट गये थे। शरीर पर बाहरी कोई चोट नहीं मिला है। पेट में अध पचा हुआ चावल-दाल मिला। बिसरा प्रीजर्व कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
पूर्व मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश पांडेय केदो बेटे हैं। बड़ा बेटा वंश पांडेय एमएटी कॉलेज से विधि का छात्र है। वहीं एमएटी से ही छोटा बेटा पलाश पांडेय बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। जनवरी में रमेश पांडेय के बड़े भाई श्यामसुंदर पांडेय की बीमारी से मौत हुई थी। इस हादसे केबाद परिवार उबर भी नहीं पाया था कि रमेश पांडेय सड़क हादसे में घायल हो गये। काफी दिनों तक उनका इलाज चल रहा था। दो बहने शीला शुक्ला और संध्या पांडेय की शादी हो चुकी है।
पूर्व मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश पांडेय के चचेरे भाई प्रियांक पांडेय मल्हौर में रहते हैं। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी केसदस्य है। हादसे की सूचना मिलने पर लोहिया अस्पताल पहुंचे। वहां से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस पर प्रियांक पांडेय ने हत्या की आशंका जाहिर की है। उन्होंने कहा कि रमेश पांडेय काफी मजबूत और दिलेर इंसान थे। वह आत्महत्या किसी भी परिस्थिति में नहीं कर सकते थे। हाईकोर्ट में लगे सभी कैमरों के फुटेज की जांच पुलिस करे तो हकीकत सामने आयेगी। वहीं अधिवक्ता शमशेर जगराना ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रमेश पंाडेय की हत्या हुई है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करें। ताकि पूर्व मुख्य स्थायी अधिवक्ता के मौत का राज सामने आ सके।