आरुषि-हेमराज मर्डर केस में शुक्रवार को अभियोजन ने अपना पक्ष रखा। सीबीआई लोक अभियोजक बीके सिंह ने मुलजिमों को दोषमुक्त न किए जाने की अपील की।
डिफेंस ने सीआरपीसी-232 के तहत चली इस कार्यवाही पर चुप्पी साधे रखी। कोर्ट ने डिफेंस की गवाही के लिए अब 11 जून की तारीख तय की है।
शुक्रवार सुबह आरुषि-हेमराज मर्डर केस के आरोपी तलवार दंपति को कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में पेश किया गया।
सीबीआई लोक अभियोजक बीके सिंह ने कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि इस दोहरे हत्याकांड में मुलजिमों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। इस स्टेज पर मुलजिमों को दोषमुक्त किया जाना उचित नहीं होगा। अत: कोर्ट इस मामले में आगे की कार्यवाही नियत करे।
इसके जवाब में डिफेंस के अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर, सत्यकेतु सिंह और मनोज शिशौदिया ने बहस करने से इंकार कर दिया। डिफेंस का कहना था कि 313 के बयानों में लिखित बयान कोर्ट में पेश कर रहे हैं।
सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने आदेश दिया है कि डिफेंस इस केस से संबंधित अपने दस्तावेज और गवाहों की सूची 4 जून तक कोर्ट में पेश करे। इसके साथ ही उन्होंने डिफेंस की गवाही के लिए 11 जून की तारीख तय की है।