लखनऊ। आजादी के बाद से बिजली का इंतजार कर रहे टिकरनखेड़ा के लोगों के लिए शनिवार का दिन दीपावली से कम नहीं था। दरअसल 65 साल के बाद गांव बिजली से रोशन हुआ था। बल्ब जला तो बुजुर्ग, बच्चों, युवकों एवं महिलाओं के चेहरे खिल उठे। लोगों ने पटाखे दगाए और मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
मोहनलालगंज के ग्राम पंचायत ढहियर के मजरा टिकरनखेड़ा में शनिवार शाम छह बजे सांसद सुशीला सरोज ने ट्रांसफार्मर को चालू किया तो गांव बिजली से रोशन हो गया। यहां पर सांसद निधि के छह लाख रुपये खर्च करके विद्युतीकरण कराया गया था। सांसद निधि से यहां 100 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। इस मौके पर सांसद ने गंगाखेड़ा, शीतलखेड़ा, राजाखेड़ा, सहित अन्य गांवों में भी विद्युतीकरण कराने की घोषणा की। इस मौके पर गांव के 20 लोगोें ने कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया।
अब दीपक की रोशनी में नहीं पढ़ेंगे
टिकरनखेड़ा में बिजली चमकने से सबसे अधिक खुशी छात्र एवं छात्राओं में है। युवाओं ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि अब दीपक की रोशनी में पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। इंटर के छात्र भूपेंद्र यादव, रमेश व उसके दोस्तों ने चहकते हुए कहा कि अब तक बिजली की रोशनी में पढ़ेंगे और टीवी का आनंद लेंगे। वहीं नितीश, सुनीता सहित अन्य छात्र-छात्राओं की खुशी का भी ठिकाना ही नहीं रहा। क्योंकि सपा सरकार में उन्हें जो लैपटॉप मिले उनका इस्तेमाल हो सकेगा। शिवाकांती ने कहा कि उनके मायके में बिजली थी लेकिन 30 साल पहले शादी होकर ससुराल पहुंची तो बिजली नहीं थी। इसके कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन अब मेरा ससुराल भी रोशनी से चमकेगा।