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निष्कासित छात्रनेता सत्ताधारी दल के तो कौन रोके कैंपस एंट्री!

Mon, 29 Jul 2013 05:33 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय से निष्कासित छात्र नेताओं का परिसर में आना-जाना लगा ही रहता है। इनमें से कुछ तो मौजूदा सरकार में मंत्री हैं लेकिन कई ऐसे भी हैं जिन्हें पिछले साल ही निष्कासित किया गया है। इसके बावजूद वे भी लग्जरी गाड़ियों से कैंपस में बेखौफ आते-जाते रहते हैं। सत्ताधारी दल का झंडा लगी गाड़ियों को कोई नहीं रोकता। लविवि प्रशासन परिसर में इन छात्र नेताओं को देखता भी है तो पुलिस को फोन करने के अलावा वह कुछ नहीं कर पाता और पुलिस इसलिए इन पर हाथ नहीं डालती क्योंकि वे सत्ताधारी दल से जुड़े होते हैं।
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पिछले ही साल निष्कासित हुए छात्र नेताओं में वेद प्रकाश यादव उर्फ वेदांत, रुद्रेश प्रताप सिंह, उपेंद्र सिंह, वसीम अहमद पिंटू और सूर्या लगभग रोज लविवि कैंपस में बेखौफ घूमते रहते हैं। सभी की गाड़ियों पर सत्ताधारी दल का झंडा लगा हुआ है और वे कसी न किसी नेता से सीधे जुड़े हैं। कई तो सीधे मंत्री से बात करवाने की धमकी देते हैं। निष्कासित छात्रों के लिए बनाए गए नियम-कानून की लविवि में खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। निष्कासित छात्रों की सूची वेबसाइट www.lkouniv.ac.in पर भी अपलोड है। नियमत: इन छात्रों का परिसर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड अगर परिसर में इन्हें देख ले तो उसे इन्हें बाहर करने और पुलिस के हवाले करने का अधिकार है लेकिन ऐसा हो नहीं पाता। कई बार तो ये निष्कासित छात्रनेता खुद ज्ञापन लेकर कुलपति कार्यालय तक जाते हैं और उनसे मिलते हैं। मनोरंजन कर राज्यमंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन और सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो के सलाहकार राम सिंह राणा तक निष्कासित छात्रों की सूची में शामिल हैं। वहीं, पूर्व उपाध्यक्ष बृजेश कुमार यादव, छात्रनेता विजय कुमार सिंह उर्फ टिंटू सिंह सपा के संगठनों से जुड़े हुए हैं।
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