लखनऊ। परिवहन निगम में फर्जी प्रमाणपत्र से संविदा कंडक्टर की नौकरी हथियाने वाले अभ्यर्थियों को बर्खास्त कर दिया गया है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों ने इनकी 10-10 हजार रुपये की सिक्योरिटी राशि जब्त कर ली है, लेकिन संविदा कंडक्टरों की भर्ती मेें खेल करने वालोें को बचाने की साजिश शुरू हो चुकी है।
गौरतलब है कि संविदा संघर्ष समिति के अध्यक्ष होमेंद्र कुमार मिश्रा ने परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव से फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए संविदा कंडक्टरों के पद पर नियुक्ति की शिकायत की थी। मंत्री के निर्देश पर निगम प्रबंधन ने मुख्यालय स्तर से इस प्रकरण की जांच कराई तो तमाम क्षेत्रीय प्रबंधकों के कारनामे उजागर हुए। ऐसे क्षेत्रीय प्रबंधकों ने साठगांठ के चलते अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की क्रॉस चेकिंग कराने के बजाय सीधे संविदा पर नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए संविदा कंडक्टर कैसरबाग एवं चारबाग डिपो जॉइन करने पहुंचे, लेकिन तब तक जालसाजी की पोल खुल चुकी थी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों ने पीआरडी एवं आईटीआई के प्रमाण पत्रों की क्रॉस चेकिंग कराई जो जाली पाए गए। कैसरबाग डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राम लौवत ने बताया कि जाली प्रमाण पत्र से संविदा कंडक्टर बने जीशान, अनिल, आनंद, रत्नेश को बर्खास्त कर दिय गया। इसी प्रकार चारबाग डिपो के दो कंडक्टरों की संविदा खत्म की गई। जिन्होंने फर्जी पीआरडी प्रमाण पत्र से नौकरी पाई थी। इस जालसाजी की विस्तृत पुलिस जांच न हो इसके लिए अधिकारी पुलिस को तहरीर देने से कतरा रहे हैं।