लखनऊ। केदारनाथ में लापता लोगों की सूची बढ़ती ही जा रही है। गुरुवार को जिला प्रशासन के दैवीय आपदा प्रकोष्ठ के डाटाबेस में सात नए नाम शामिल किए गए। इनको गृह विभाग को तलाश के लिए भेजा जाएगा। वहीं, राजधानी से लापता लोगों की संख्या अब 45 हो गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके परिजन इस त्रासदी में लापता हैं तो इसकी जानकारी फोटो सहित उपलब्ध करा दी जाए।
एडीएम वित्त एवं राजस्व संजय कुमार यादव ने बताया कि लखनऊ से तीन नए परिवारों की जानकारी उनके पास आई है। उत्तराखंड सरकार से इनके बारे में जानकारी मंगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जानकीपुरम् की पूजा श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पति हिमांशु श्रीवास्तव (38) बीते 15 जून से लापता हैं। अंतिम बार उनकी बात पत्नी और बेटी अणिमा से 15 जून की सुबह 11 बजे हुई थी। हिमांशु मूलत: जिला बलरामपुर के रहने वाले हैं। साथ ही बलरामपुर के डीएम को भी जानकारी भेज दी गई है।
वहीं, गोमतीनगर के विश्वासखंड निवासी अनुराधा रायजादा ने बताया कि उनके पति डॉ. अनुपम रायजादा (46), बेटा अथर्व रायजादा व अंजोर रायजादा चारधाम की यात्रा पर गए थे। 16 जून को वह रामबाड़ा पर थे। अनुराधा ने बताया कि बारिश व भूस्खलन के बाद आर्मी ने उन्हें बचाकर निकाला। इसके बाद अनुपम, अथर्व व अंजोर वहां बिछड़ गए। तब से उनकी कोई जानकारी नहीं मिली है। इलाज के बाद अनुराधा लखनऊ वापस आ गई हैं। उधर, निशांतगंज निवासी गौरव शुक्ला ने बताया है कि उनकी परिजन सुनीता शुक्ला उत्तराखंड में आई प्रलय में लापता हैं। उनके साथ गए विनोद कुमार द्विवेदी से 14 जून को मोबाइल पर संपर्क हुआ था। इस दौरान वह गौरीकुंड पर थे। इसके बाद से कोई जानकारी नहीं है। उनके रिश्तेदार विवेक कुमार द्विवेदी ने बताया कि सुनीता शुक्ला के साथ ही कानपुर निवासी उनके परिजन मनोरमा द्विवेदी व विनोद कुमार द्विवेदी लापता हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जगा रहा आस
गुप्तकाशी व दूसरी जगहों से छिटपुट निकाले जा रहे लोगों के लिए चल रहा बचाव कार्य राजधानी में भी लोगों के लिए आशा जगाए हुए है। जिनके परिजन अब भी लापता हैं वह बचाए गए लोगों की नई सूची पर निगाह रखे हुए हैं।
लापता होने पर जानकारी दें
एडीएम वित्त एवं राजस्व का कहना है कि अगर किसी को लापता लोगों की जानकारी मिले तो वह प्रभारी अधिकारी (दैवीय आपदा) के मोबाइल नंबर 9454416498 तथा कंट्रोल रूम नंबर 0522-2615195 पर सूचना दे।