लखनऊ । गोमतीनगर, विभूतिखंड में निर्माणाधीन होटल हयात चार्टर की खोदाई में न केवल गहराई बल्कि चौड़ाई के नियमों का भी उल्लंघन किया गया है। मकानों को होने वाले नुकसान का यह प्रमुख कारण है और होटल का नक्शा रद्द करने के लिए एलडीए के पास एक बड़ा आधार होगा। कंपनी के ठेकेदार ने गहराई में तीन मीटर और चौड़ाई में इसका ठीक दोगुना यानी छह मीटर का उल्लंघन किया है। यदि चौड़ाई के नियमों की अनदेखी न की जाती तो आसपास के मकान बचे रहते। खनन मानकों के हिसाब से 13 मीटर खोदाई कंपनी को होटल निर्माण के लिए करनी थी, इस मानक के विपरीत 16 मीटर तक गहरे में खोदाई कर डाली। इसके अलावा नक्शा जारी करते समय बेसमेंट की डिगिंग का एक और रूल दर्ज है, जिसके तहत कुल प्लॉट के साइज में चारों ओर छह मीटर तक छोड़ते हुए ही बेसमेंट खोदा जा सकता है। ऐसे में प्लॉट के अगल-बगल के मकानों के नींव की मिट्टी नहीं खिसकती है। एलडीए के नगर नियोजक जेएन रेड्डी ने बताया कि, छह मीटर जमीन छोड़ कर खोदाई किए जाना जरूरी है। यह सुरक्षा का बड़ा मानक है। जिसका कंपनी ने उल्लंघन किया।
तीन शिफ्टों में कंपनी कराएगी काम ः यहां खोदाई की वजह से जिन मकानों को नुकसान हुआ है, उनको बचाने के लिए मिट्टी भराई और रिटेनिंग वॉल बनाने का काम कंपनी दिन-रात तीन शिफ्ट में पूरा करवाएगी। एलडीए के अधिशासी अभियंता डीसी यादव ने बताया कि, काम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बहुत जल्द ही रिटेनिंग वॉल बनाने के बाद मकानों की नींव मजबूत करने का काम शुरू होगा। उम्मीद है कि, कुछ दिनों बाद लोग अपने घरों में वापसी कर सकेंगे।