लखनऊ। गौतम बुद्घ प्राविधिक विश्वविद्यालय (जीबीटीयू) में सोमवार को सेंट्रल एडमिशन बोर्ड (कैब) की करीब चार घंटे तक चली बैठक के बाद एसईई की ऑफ कैम्पस ऑनलाइन काउंसलिंग पर मुहर लग गई। कुछ सदस्यों का कहना था कि इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कोर्सों में दाखिले के लिए हुई राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) में बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवेश के छात्र रहते हैं। ऐसे में उन्हें साइबर कैफे में जाकर खुद सीट लॉक करने में मुसीबत उठानी पड़ेगी। काफी देर चली बहस के बाद तय हुआ कि ग्रामीण परिवेश के छात्रों को सीट लॉक करने या फिर काउंसलिंग में कोई दिक्कत आएगी तो उनकी सीटें वेरिफिकेशन सेंटर पर ही सीट लॉक करवा दी जाएंगी। बाकी छात्रों को वेरिफिकेशन सेंटर पर ही ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) दिया जाएगा। छात्र इसी ओटीपी के जरिए आगे की काउंसलिंग पूरी कर सकेंगे।
जीबीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खंडाल की अध्यक्षता में हुई कैब की बैठक में यह फैसला हुआ कि पूरे प्रदेश में करीब 100 वेरिफिकेशन सेंटर बनाए जाएंगे। ताकि छात्रों को एक जिले से दूसरे जिले में काउंसलिंग के लिए न जाना पड़े। बीते साल तक करीब 20 काउंसलिंग सेंटर ही बनाए जाते थे। मगर छात्रों की सुविधा और अधिक से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेजों को काउंसलिंग प्रक्रिया से जुड़ने का मौका देने के लिए इस बार इनकी संख्या में काफी इजाफा कर दिया गया है। जीबीटीयू के प्रतिकुलपति प्रो. दिवाकर सिंह यादव ने बताया कि अपने यहां वेरिफिकेशन सेंटर बनाने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज अभी 20 जून तक आवेदन कर सकते हैं। पूरे प्रदेश में बनाए जाने वाले करीब 100 वेरिफिकेशन सेंटर की सूची एसईई की वेबसाइट पर डाल दी जाएगी। वहीं एसईई की काउंसलिंग की तारीख अभी तय नहीं की गई है। कैब की बैठक में सदस्यों ने कहा कि एआईईईई की रैंक छात्रों को 29 जून को मिलेगी। इसके बाद ही एसईई की काउंसलिंग कराई जाए तो बेहतर होगा। फिलहाल एसईई की काउंसलिंग इसी के आसपास शुरू करवाने की तैयारी की जा रही है। काउंसलिंग की तारीख तय करने के लिए मंगलवार को भी कैब की बैठक होगी। वहीं काउंसलिंग से जुड़े कुछ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जा सकती है।
एनआरआई की पहली पसंद एचबीटीआई ः इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में एनआरआई कोटे की पांच प्रतिशत सीटें भरने के लिए सोमवार को काउंसलिंग हुई। जीबीटीयू में शाम पांच बजे शुरू हुई काउंसलिंग में दाखिले के लिए 45 अभ्यर्थी पहुंचे। इसमें से 21 छात्रों ने कानपुर स्थित एचबीटीआई में दाखिला लिया, राजधानी के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी (आईईटी) 17 छात्रों ने प्रवेश लिया। वहीं गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज में चार अभ्यर्थियों ने दाखिला लिया। इसके अलावा जेएसएस में भी छात्रों प्रवेश लिया। आईईटी के रजिस्ट्रार तनवीर ताहिर ने बताया कि एनआरआई कोटे के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों को हर साल सात हजार डालर यानि साढ़े चार लाख रुपए फीस जमा करवायी जाती है। मंगलवार को कश्मीरी माइग्रेंट कोटे के तहत अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी।