लखनऊ। ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय में गुरुवार को कर्मचारियों ने अपने साथी कर्मचारी महारानीदीन का शव आयुक्त के कार्यालय में रखकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोग दिवंगत कर्मचारी के शव व उनके परिवार को उसके गांव (प्रतापगढ़) ले जाने के लिए आयुक्त से वाहन देने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी कर्मचारी तब शांत हुए जब एसएसपी जे रविंदर गौड के हस्तक्षेप से उन्हें वाहन उपलब्ध हुए। उन्होंने शुक्रवार को फिर आयुक्त के घेराव का ऐलान किया है।
प्रतापगढ़ निवासी महारानीदीन (58) बुधवार को जवाहर भवन के ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय में अपना वेतन लेने गए थे। जहां पर गश खाकर गिर गए। सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई। जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कर्मचारियों ने ग्राम्य विकास आयुक्त से शव को प्रतापगढ़ ले जाने के लिए गाड़ी मांगी। मृतक के दामाद सुरेश के अनुसार, आयुक्त ने गाड़ी देने से इन्कार कर दिया। इससे कर्मचारी और नाराज हो गए। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद कर्मचारी शव लेकर जवाहर भवन पहुंचे और शव को आयुक्त के कार्यालय के पास रखकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी के बाद हंगामा शुरू हो गया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने मृतक के बेटे को नौकरी व पत्नी को पूरी पेंशन दिए जाने की मांग की। लगभग दो घंटे तक हंगामा चला। कर्मचारी इस बात से भी नाराज थे कि आयुक्त या कोई अन्य अधिकारी शव को देखने तक नहीं आया। ऊपर से गाड़ी मांगने पर अभद्र टिप्पणी की। सूचना मिलने पर एसपी पूर्वी राजेश सिंह पुलिस विभाग के कई अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसएसपी से बात करके शव प्रतापगढ़ ले जाने के लिए वाहन मुहैया कराया।