अब भी गरीब मरीजों को बाहर से लिखी जा रहीं दवाएं व जांचें
लखनऊ। स्वास्थ्य मंत्री ने भले ही सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को बाहर से दवाएं लिखने की सजा दी हो लेकिन बड़े अस्पताल के डॉक्टरों में इस कार्रवाई का कोई डर नहीं है। इन अस्पतालों में गरीब मरीजों को खुलेआम बाहर से दवाएं व जांचें लिखी जा रही हैं। बलरामपुर अस्पताल के वार्ड नंबर- 8 में दिमागी बुखार से पीड़ित मरीज सरोज को सिटी स्कैन व दवाएं बाहर से लाने को लिखा है। गरीब सरोज के परिवार वालों ने बताया कि दवाएं व जांचें सभी तो बाहर से मिल रही हैं। यहां बेड और डॉक्टर की फीस नहीं पड़ती है। बाकी सारा खर्चा निजी अस्पताल की तरह से ही हो रहा है। इसी अस्पताल के बेड नंबर -24 पर भर्ती खुशबू को पेट में दर्द की समस्या है। उसकी टीएलसी, डीएलसी समेत कई जांचें बाहर से कराई गई हैं। वहीं सिविल अस्पताल में अमीनाबाद की पप्पी ने बृहस्पतिवार को 15 नंबर कमरे में डॉक्टर को लिखाया। यहां डॉक्टर ने उसे सभी दवाएं बाहर से लिख दीं। ये मामले तो बस बानगी भर हैं। इन अस्पतालों में ज्यादातर मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जा रही हैं। राममनोहर लोहिया अस्पताल में आर्थो के डॉक्टर सबसे ज्यादा बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से कई डॉक्टर तो अस्पताल से कुछ दूरी पर ही अपने निजी क्लीनिक खोले बैठे हैं। लोहिया अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल के मुताबिक ऐसी डॉक्टरों की जानकारी हुई है। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।