लखनऊ। एलडीए ने अलीगंज सेक्टर सीएस में ग्रुप हाउसिंग स्कीम का निर्माण शुरू करा दिया है। इसका आगाज स्वाइल टेस्टिंग से किया गया है। प्राधिकरण यहां करीब 300 फ्लैट बनाएगा। हालांकि निर्माण के आगाज के बावजूद अभी पंजीकरण नहीं खोले गए हैं। दरअसल, एलडीए इस भूमि को पूरी तरह से निर्विवाद बता रहा है, लेकिन लोग कागज लेकर आ रहे हैं और अपना दावा प्रस्तुत कर रहे हैं। उधर, पुराने आवंटियों ने एप्रोच रोड घेरे जाने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि निर्माण करा रहे ठेकेदार ने जो साइट ऑफिस बनाया है, उससे उनका एप्रोच रोड घिर गया है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण अलीगंज के सेक्टर सीएस में 500 एफोर्डेबल फ्लैटों की स्कीम का पंजीकरण शुरू करना चाहता था, लेकिन डिजाइनिंग के बाद इसे 300 फ्लैटों तक ही सीमित कर दिया गया। योजना के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। प्राधिकरण ने करीब 40 करोड़ रुपए में निर्माण इंफ्राटेक को ठेका दिया है, जिसे डेढ़ साल में निर्माण कार्य पूरा करना है। इससे पहले प्राधिकरण के अधिकारियों को आशंका थी कि सीएस में इन फ्लैटों के लिए जो भूमि आरक्षित की गई है, उसमें कहीं कुछ लोगों के प्लॉट न आ रहे हों, इसलिए यहां आवंटित 12 प्लॉटों के आवंटियों को नोटिस जारी किया गया था। उनसे कहा गया था कि अगर इस भूमि पर उनका प्लॉट है तो समस्त दस्तावेजों के साथ अधिकारियों से मिलें तभी फ्लैटों की स्कीम के लिए ले-आउट प्लानिंग की जाएगी। इसके बाद यह भूमि पूरी तरह से साफ-सुथरी पाई गई। सीतापुर रोड से लगती इस भूमि पर अवैध बस्ती काबिज थी।
...तो करेंगे मेयर के आवास का घेराव
पुराने आवंटियों का आरोप है कि अलीगंज सेक्टर सीएस सीतापुर रोड कॉलोनी की एप्रोच रोड पर प्राधिकरण की ग्रुप हाउसिंग स्कीम बना रहे ठेकेदार ने अपना साइट ऑफिस बना लिया है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनीवासियों ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन मामला जस का तस बना हुआ है। सेक्टर सीएस श्री विहार अलीगंज रेजीडेंट्स एसोसिएशन की पदाधिकारी रश्मि राय चौधरी ने बताया कि कॉलोनी के लोग पिछले 30 वर्षों से एप्रोच रोड के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कॉलोनी में जाने के लिए एक एप्रोच रोड पर दुकानों का कब्जा है तो अहिबरनपुर की ओर से आने वाली टूटी सड़क की मरम्मत कराने की बजाय एलडीए के ठेकेदार ने साइट ऑफिस बना लिया है। कॉलोनी के लोगोें का कहना है कि संबंधित अधिकारियों ने उचित निर्णय नहीं लिया तो मेयर के आवास का घेराव करेंगे। राजेन्द्र कौर, मधु शुक्ला, कविता व नारायणी बताती हैं कि आवागमन में परेशानी हो रही है। इस बारे में प्राधिकरण का दावा है कि भूमि पूरी तरह से उसकी है और एप्रोच रोड नहीं घेरा गया है। जिस भूमि पर ठेकेदार ने अपना साइट ऑफिस बनाया है, वह अनसोल्ड पुराना प्लॉट है।