फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा के साथ संस्कार की भी जरूरत

Mon, 22 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। समय बदलने के साथ बच्चों के व्यवहार में भी काफी बदलाव आया है। आज बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी देने की जरूरत है। यह कहना है फि ल्म अभिनेता टॉम अल्टर का। वे रविवार को सिटी मॉण्टेसरी स्कूल की ओर से आयोजित पांचवें अंतरराष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव में भाग लेने राजधानी पहुंचे थे। उन्होंने बच्चों के चरित्र निर्माण में बाल फिल्मों की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि इन बाल फि ल्मों में जो पात्र हैं, वे जीवन के ही अंग हैं। इसलिए बच्चों पर इनका गहरा प्रभाव पड़ता है और वे जीवन मूल्यों की शिक्षा ग्रहण करते हैं।
विज्ञापन

सीएमएस के तत्वावधान में कानपुर रोड ऑडिटोरिम में चल रहे फिल्मोत्सव के तीसरे दिन की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव (वन एवं पर्यावरण) वीएन गर्ग ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस अवसर पर फि ल्म अभिनेता टॉम अल्टर और संगीत नाटक अकादमी के प्रेसीडेंट नावेद सिद्दीकी विशिष्ट अतिथि थे। छात्रों ने प्रार्थना गीत और सर्वधर्म प्रार्थना प्रस्तुत की। इस दौरान उन्हें फिल्म ‘सबक, डेलही सफ ारी, अनमोल रतन, क्या देखें हम, एक यात्रा, शैडो प्ले, इंडिया शाइनिंग, शेड्स ऑफ लाइफ, अ सीकर ऑफ वर्ल्ड यूनिटी, जमीला, एक अधूरी कहानी, अपना शहर, द मैन विद विन्टर फियर, ये कैसा जहान, लव द नेबर, इमरजेंसी एग्जिट, घर किसका है, जिम्मेदारी, द गोल्ड चेन, गॉड्स पावर हाउस, द रोलिंग पंपकिन, अ टीचर्स लेसन, पछतावा, मीठी नींद, गुलदस्ता, बड़े काम की चीज’ दिखाई गई। सोमवार को वरिष्ठ थियेटर और टीवी अभिनेत्री डॉली ठाकुर और लेखक अतुल तिवारी बच्चों से रूबरू होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें