लखनऊ। महानगर के पुराना हैदराबाद में सोमवार देर रात मानसिक रूप से बीमार पूर्व डिप्टी एसपी के इकलौते बेटे ने अपने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर पुलिस ने दरवाजा खोलकर शव नीचे उतारा और पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। पूर्व डिप्टी एसपी का दो साल पहले निधन हो चुका है।
डिप्टी एसपी रघुवीर सहाय श्रीवास्तव अपनी पत्नी मीरा व बेटे अभिजीत (27) के साथ महानगर के पुराना हैदराबाद श्याम लाल बगिया मोहल्ले में रहते थे। दो वर्ष पूर्व प्रतापगढ़ तैनाती के दौरान उनका देहावसान हो गया था। पेशे से वकील मीरा ने बताया कि अभिजीत हैदराबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। पिता के निधन के बाद अचानक एक दिन सड़क हादसे में बुरी तरह चोटिल हो गया। सिर में चोट लगने से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया और पढ़ाई छोड़कर लखनऊ घर वापस लौट आया। तभी से यहां रह रहा था। उसका एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। इस दौरान उसकी शादी सीतापुर की एक युवती कर दी गई, लेकिन कुछ दिन बाद पत्नी उसे छोड़कर चली गई। इसके बाद से अभिजीत और परेशान रहने लगा। पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात खाना खाने के बाद दोनों अपने-अपने कमरे में सोने चले गए। सुबह मीरा ने चाय बनाई और अभिजीत को आवाज दी, मगर वह कमरे में नहीं मिला। मीरा उसे देखने ऊपरी मंजिल जा रही थीं। तभी जीने में पंखे के हुक से अभिजीत को फंदे से लटकता देखकर उसके होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अभिजीत का शव नीचे उतारा और पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
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मां दोस्त को पांच हजार रुपए दे देना...
पुलिस को जामा तलाशी में सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपनी मर्जी से फांसी लगाने की बात कहते हुए दोस्त ताहिर से 5 हजार रुपए उधार लेने की जानकारी दी है। उसने लिखा है, ‘मैं अपनी जिंदगी से हार गया हूं। मां मुझे माफ कर देना। मैं अपनी मर्जी से यह कदम उठाने जा रहा हूं। इसके लिए किसी को परेशान न किया जाए। मां मेरे दोस्त ताहिर को पांच हजार रुपए दे देना।’
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मां के बुढ़ापे का सहारा छीना
मीरा सहाय के बुढ़ापे का सहारा छिन गया। अभिजीत उनका इकलौता बेटा था और ठीक हो रहा था। उसे अपनी जिम्मेदारियों का एहसास भी होने लगा था, लेकिन अचानक उसने ये कदम उठा लिया। जवान बेटे की मौत से मीरा का रो-रोकर बुरा हाल है। पहले असमय उनके पति की मौत हो गई, अब बेटा भी चला गया। वहीं, अभिजीत की मौत की खबर पर कोई रिश्तेदार पोस्टमॉर्टम हाउस नहीं पहुंचा। पड़ोसी राम उदित नारायन मिश्र समेत कुछ वकील व अन्य लोगों ने मीरा को ढांढस बंधाया।