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एक परीक्षा से खुलेंगे 10 कॉलेजों में प्रवेश के द्वार

Wed, 10 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त कॉलेज अपने यहां प्रबंधन एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पिछले वर्षों की तरह इस बार भी अलग से प्रवेश परीक्षा आयोजित करेंगे। लखनऊ यूनिवर्सिटी एसोसिएटेड कॉलेजेज मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (लुकमैट) के जरिए 10 कॉलेजों में दाखिले के रास्ते खुलेंगे। इस बार प्रवेश परीक्षा का दायरा लखनऊ से बाहर भी बढा़ने की तैयारी है।
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मंगलवार को नेशनल पीजी कॉलेज में आयोजित कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक में इसके प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया गया। लुकमैट के समन्वयक राकेश जैन ने बताया कि 10 कॉलेजों में संचालित होने वाले बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रिेशन (बीबीए), बैचलर ऑफ मैनेजमेंट साइंस (बीएमएस), बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए), बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम) ऑनर्स और बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (बीजेएमएसी) आदि पाठ्यक्रमों में दाखिले लुकमैट के जरिए होंगे। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 10 मई से शुरू होगी। प्रवेश के लिए फॉर्म नेशनल पीजी कॉलेज के कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। कॉलेज की वेबसाइट 222.ठ्ठश्चद्दष्द्यद्मश.शह्म्द्द से भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। सभी सवंर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 700 रुपये आवेदन शुल्क रखा गया है। जैन ने बताया कि 1500 सीटों के लिए पिछली बार 2500 से अधिक आवेदन थे। हम इस संख्या के और बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इस बार छात्रोें की सहूलियत और मांग को देखते हुए गोरखपुर व फैजाबाद जिलों में भी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।

इन कॉलेजों की होगी हिस्सेदारी
मॉडर्न गर्ल्स डिग्री कॉलेज, रामस्वरूप मेमोरियल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, सामा डिग्री कॉलेज, सत्यानंद हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस, लखनऊ पब्लिक कॉलेज, लाल बहादुर शास्त्री गर्ल्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज, श्रीनारायण कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, कॉलेज ऑफ इनोवेटिव मैनेजमेंट, नेशनल पीजी कॉलेज।
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प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न पर होगा पाठ्यक्रम
नेशनल पीजी कॉलेज में शैक्षिक सत्र के समापन पर मंगलवार को विभागाध्यक्षों की बैठक हुई। इस दौरान नए सत्र की शैक्षणिक प्रक्रिया का खाका तय किया गया। तय हुआ कि पाठ्यक्रमों को प्रतियोगी परीक्षाओं से लिंक किया जाएगा। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि कला संकाय के पाठ्यक्रम देश एवं प्रदेश की प्रशासनिक सेवाओं के अनुरूप होंगे जबकि कॉमर्स के छात्र-छात्राओं को सीए, सीएस, आईसीडब्लूए एवं एमबीए के पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षण दिया जाएगा। विज्ञान के छात्रों को शोध एवं वैज्ञानिक संस्थानों में जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा और वैज्ञानिक शिक्षा को रुचिकर बनाया जाएगा। साथ ही कॉलेज में व्यावसायिक उद्यमिता सेल का गठन होगा जिससे छात्रों को उद्यमिता का प्रशिक्षण दिया जा सके।
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