फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौमीलाल की मौत, नाराज किसानों ने खोला मोर्चा

Fri, 29 Mar 2013 05:30 AM IST
Lucknow
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। जमीन पर बिल्डर के कब्जे से परेशान होकर आग लगाने वाले बुजुर्ग नौमीलाल की मौत के बाद बृहस्पतिवार को किसानों ने अंसल एपीआई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाकियू की अगुवाई में किसान यहां राणा प्रताप मार्ग स्थित कंपनी के कार्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना पर बैठ गए। नौमीलाल के आत्महत्या प्रकरण में नामजद अंसल प्रबंधन से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को मुआवजा व जमीन खाली कराने की मांग को लेकर किसानों ने जमकर नारेबाजी की। विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए कंपनी कार्यालय के बाहर प्रशासन ने काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया लेकिन कोई अधिकारी किसानों से बात करने नहीं पहुंचा। किसानों ने अपनी मांगों पर कार्रवाई होने तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। गोसाईगंज इलाके में महमूदपुर घुसवल निवासी नौमीलाल (63) ने गत बृहस्पतिवार को मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली थी। गंभीर रूप से घायल नौमीलाल ने उपचार के दौरान मंगलवार देर रात दम तोड़ दिया। नौमी के परिवार वाले लगातार आरोप लगा रहे हैं कि अंसल एपीआई के लोगों द्वारा जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा किए जाने से परेशान होकर नौमीलाल ने आग लगा ली थी। इस संबंध में गोसाईगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इस घटना के बाद से परिजन व अन्य किसान नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। नौमीलाल की मौत की सूचना मिलने पर नाराज किसान एवं भाकियू कार्यकर्ता ने आंदोलन का ऐलान कर दिया। बृहस्पतिवार दोपहर बाद महमूदपुर घुसवल व आसपास के तमाम किसान ट्रैक्टर ट्रॉली से राणा प्रताप मार्ग स्थित अंसल एपीआई के परियोजना कार्यालय पहुंच गए और घेराव शुरू कर दिया। किसानों ने मांग पूरी होने पर ही वहां से न हटने की चेतावनी दी है। धरने के दौरान अंसल एपीआई के परिधि में आए गांवों के कई किसानों ने जमीन खरीद के नाम पर ब्रोकरों द्वारा की गई धोखाधड़ी व जालसाजी के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा, उपाध्यक्ष अन्नू यादव, सरदार गुरमीत सिंह, आजाद अंसारी, सुभाष सिंह जैसे किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि नौमीलाल की तरह ही यूसुफनगर, बगियामऊ, मुजफ्फरनगर सहित क ई गांवों के किसानों के साथ जालसाजी कर अंसल एपीआई के लोगों ने जमीन हथिया ली। इसमें आधा बीघा जमीन खरीदने के नाम पर कई-कई बीघा जमीन लिखवा ली गई लेकिन इसके लिए उन्हें एक पैसा नहीं दिया गया। ऐसे दर्जनों किसान वर्षों से अपनी शिकायत लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन जांच के नाम पर उनकी शिकायतें दबा दीं गईं। किसानों में इसको लेकर भारी गुस्सा और निराशा है। इसी के चलते किसानों ने अंसल एपीआई के घेराव का निर्णय लिया। इस मौके भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने ऐलान किया कि नौमीलाल के परिवार को न्याय मिलने तक यह धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
विज्ञापन

पत्नी के साथ बच्चे भी धरना पर ः गांव की दूसरी महिलाओं के साथ नौमीलाल की पत्नी श्रीमती सुंदारा भी बृहस्पतिवार शाम तक यहां धरना पर बैठी। सुन्दारा के साथ उसकी तीनों बेटियां संगीता, राजकुमारी, सावित्री व बेटा शिवकुमार भी आया था। सुन्दारा ने कहा कि पति की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होने तक वह संघर्ष करती रहेंगी।
विज्ञापन

प्रमुख मांगें
नौमीलाल द्वारा आग लगाने के मामले को हत्या में तरमीम किया जाए।
एफआईआर में नामजद सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
20 लाख रुपए मुआवजा देने के साथ सभी किसानों की जमीन ेस अवैध कब्जे हटाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें