लखनऊ। पीजीआई थाना क्षेत्र के तेलीबाग में रविवार रात वहशी दरिंदों ने दुकान से सामान लेने गई एक किशोरी (14) को कमरे में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी बचाव के लिए चीखती-चिल्लाती रही पर दरिंदों को रहम नहीं आया। शोर सुनकर बेटी को तलाश रहे घरवालों ने दरवाजा तोड़ा और तीन आरोपियों को दबोच लिया। लोगों ने आरोपियाें की जमकर धुनाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। किशोरी को मेडिकल परीक्षण और आरोपियों के कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक, तेलीबाग इलाके में रहने वाले एक मजदूर की बेटी सुषमा (काल्पनिक नाम) रविवार रात 9.30 बजे पड़ोस में किराने की दुकान से सामान खरीदने गई थी। उसके काफी देर तक वापस न लौटने पर घरवालों को फिक्र हुई और वे तलाश में निकले। वह उसे ढूंढ़ रहे थे कि अचानक एक कमरे से चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं। घरवालों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया पर कोई हरकत नहीं हुई। इस पर सुषमा के भाई ने दरवाजा तोड़ दिया। कमरे में किशोरी के अलावा तीन और लोग मौजूद थे। तीनों के कपड़े अस्त-व्यस्त थे। खून से लथपथ बेटी को देखकर मजदूर व अन्य परिजन सन्न रह गए। सभी ने तीनों युवकों को दबोच लिया और जमकर धुनाई की। बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया।
युवकों की पहचान तेलीबाग के लौंगाखेड़ा निवासी मोनू (18), दिनेश (28) व बाबू (30) के रूप में हुई है। तीनों दोस्त हैं। मोनू ट्रैक्टर पर क्लीनर है, जबकि दिनेश व बाबू ट्रैक्टर चलाते हैं। पीड़ित किशोरी ने बताया कि वह दुकान से सामान लेकर लौट रही थी कि रास्ते में तीनों ने उसे रोक लिया। इसके बाद जबरन खींचते हुए कमरे में ले गए और सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने किशोरी के पिता की तहरीर पर मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।