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ऑनलाइन जमा होंगे कॉलेजों के परीक्षा फॉर्म

Mon, 25 Feb 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में भी छात्रों को अगली बार से परीक्षा फॉर्म भरने की झंझट से निजात मिल जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय को भी परीक्षा फार्म के लिए बार-बार कॉलेजों को रिमाइंडर भेजने व फॉर्म का इंतजार करने से निजात मिलेगी। नए सत्र से विश्वविद्यालय संबद्घ कॉलेजों के परीक्षा फॉर्म जमा करने की व्यवस्था पूरी तरह से ऑनलाइन करेगा। शनिवार को कुलपति के साथ हुई प्राचार्यों की बैठक में इस पर सहमति बन गई है।
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लखनऊ विश्वविद्यालय में दो सत्र पहले स्वतंत्र डिग्री कॉलेज के फर्जीवाड़े एवं विभिन्न कॉलेजों द्वारा निर्धारित सीट से अधिक परीक्षा फॉर्म जमा कराए जाने की शिकायतों के बाद लविवि प्रशासन ने ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म की दिशा में विचार करना शुरू किया था। प्रवेश समिति में इस मुद्दे पर सहमति भी बनी थी। हालांकि कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की तरह यह भी कार्यवृत्त में ही दम तोड़ गई। जी. पटनायक ने कुलपति की जिम्मेदारी संभालने के बाद इस दिशा में काम शुरू किया है। राज्य के कुछ विश्वविद्यालय पहले भी अपने यहां परीक्षा फार्म जमा करने की व्यवस्था ऑनलाइन कर चुके हैं। लविवि स्वयं अपने छात्रों की परीक्षा फॉर्म की प्रक्रिया प्रवेश के समय ही पूरी कर लेता है। प्रवेश के समय भरे गए ऑनलाइन फॉर्म का डाटा परीक्षा के लिए भी इस्तेमाल कर लिया जाता है। इससे छात्रों को भी सुविधा होती है और परीक्षा विभाग भी कागजी औपचारिकताओं से बच जाता है। जेएनपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसडी शर्मा के मुताबिक यह व्यवस्था काफी मुफीद साबित होगी। वहीं अन्य कॉलेजों ने भी इसका स्वागत किया है।

यह होगी प्रक्रिया
प्रस्तावित योजना के अनुसार कॉलेजों को छात्रोें का डाटा मैनुअल भरकर भेजने की जगह उसकी ऑनलाइन इंट्री करनी होगी। इसके लिए कॉलेजों को एक लॉगिन एवं पासवर्ड दे दिया जाएगा। कॉलेज लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर लॉगिन के माध्यम से छात्र का पूरा विवरण उसमें डाल देंगे। खास बात यह है कि डाटा कार्ड का साफ्टवेयर इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि उसमें कॉलेज में पढ़ाए जाने वाले विषय से लेकर संबद्धता तक की पूरी जानकारी होगी। ऐसे में कॉलेज लॉगिन से केवल उतने ही परीक्षा फार्म डाउनलोड कर सकेंगे जितनी उनके यहां निर्धारित सीटें है।
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फायदा
इस व्यवस्था से प्रवेश में फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। दूसरे प्रवेश के बाद ही कॉलेज के छात्र-छात्राओं का पूरा विवरण वेबसाइट पर डिस्पले कर दिया जाएगा। इससे छात्र के नाम या विषय में यदि कोई गड़बड़ी है तो वह भी समय से ठीक की जा सकेगी। अभी यह समस्याएं आमतौर पर परीक्षाओं तक खिंचती हैं। कॉलेजों को छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड लेने के लिए विश्वविद्यालय आने से भी छुटकारा मिल जाएगा। छात्रों का फोटोयुक्त पूरा विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। कॉलेज छात्र संख्या के हिसाब से विश्वविद्यालय में फीस जमा करेंगे और उसके बाद लॉगिन से छात्रों का एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लेंगे और उसके बाद प्राचार्य अपने हस्ताक्षर से एडमिट कार्ड जारी कर देगा। एक प्रस्ताव यह भी है कि छात्रों के रोलनंबर भी कॉलेज वेबसाइट पर डिस्पले कर देंगे और उसके आधार पर छात्र घर बैठे अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेगा।

कॉलेजों को चाहिए क्रासलिस्ट
कॉलेजों ने कुलपति ने अंकों की क्रासलिस्ट भी उपलब्ध कराने की मांग की है। शनिवार को प्राचार्यों की बैठक के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। प्राचार्यों का कहना है कि कॉलेजों के पास छात्र के रिजल्ट का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे में छात्र जो मार्कशीट उपलब्ध कराता है उसको क्रॉस चेक करने की कोई व्यवस्था कॉलेजों के पास नहीं होती जिससे फर्जीवाड़े की संभावना भी बनी रहती है। इसलिए विश्वविद्यालय को कॉलेजों को भी उनके छात्रों के रिजल्ट एवं क्रासलिस्ट की कॉपी उपलब्ध करानी चाहिए। इसे साफ्ट कॉपी में दिया जा सकता है। कुलपति ने बैठक के दौरान इस संभावना पर विचार करने को कहा है।

नए सत्र से कॉलेजों का परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरा जाएगा। साथ ही प्रवेशपत्र भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना है। मैनुअल फार्म से न केवल भाग-दौड़ बढ़ती है बल्कि गलतियों की संभावना भी बढ़ जाती है। फार्म स्पष्ट न होने के चलते मार्कशीट में भी नाम आदि व्यक्तिगत विवरण गलत हो जाते हैं जिससे छात्रों को समस्या होती है। हमने इस सत्र में भी कॉलेजों से पीजी के सेमेस्टर फार्म की सॉफ्ट कॉपी मांगी है। कॉलेजों को क्रास लिस्ट की सॉफ्ट कापी दिए जाने पर बात हुई है अभी इस पर आखिरी फैसला होना बाकी है। - प्रो. अकील अहमद, परीक्षा नियंत्रक, लखनऊ विश्वविद्यालय
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