लखनऊ। घरेलू एलपीजी वितरण की नई व्यवस्था के बाद इसकी अवैध रिफिलिंग का धंधा भी जोर पकड़ने लगा है। इसकी रोकथाम को लेकर एडीएम आपूर्ति के निर्देश पर सोमवार को आपूर्ति निरीक्षकों की टीम ने आलमनगर के समीप हरिजन बस्ती में एक मकान पर छापा मारकर घरेलू सिलेंडरों से रिफिलिंग का धंधा पकड़ा। धंधेबाज तीन भरे घरेलू सिलेंडरों से दो से ढाई किलोग्राम गैस की खाली सिलेंडर में अवैध रिफिलिंग कर इसे नॉन सब्सिडी के दाम पर जरूरतमंदों को बेचकर मोटी कमाई कर रहे थे। इस दौरान पता चला कि गैस निकालने के बाद सिलेंडरों का भार तय मानक के बराबर करने के लिए धंधेबाज इसमें पानी भर देते थे। जांच टीम ने मौके से सब्सिडी वाले चार भरे हुए घरेलू गैस सिलेंडरों के साथ तीन खाली सिलेंडर व रिफिलिंग में प्रयोग आने वाले कई उपकरण बरामद किए।
एडीएम आपूर्ति एसके सिंह यादव को राजाजीपुरम के आलमनगर इलाके में स्थित हरिजन बस्ती में मो. उमर के मकान में रसोई गैस की अवैध रिफिलिंग के धंधे की जानकारी मिली थी। इस पर उन्होंने आपूर्ति निरीक्षक टीएन चौरसिया, एपी सिंह, मनोज कुमार व विश्वनाथ इत्यादि की टीम गठित कर सोमवार दोपहर में औचक छापेमारी के लिए भेजा। पुलिस के साथ जांच टीम के पहुंचने से पहले ही इसकी सुगबुगाहट मिल जाने से धंधेबाज मौके से भाग निकले। निरीक्षण के दौरान भरे हुए सिलेंडरों से अवैध रिफिलिंग कर उसे खाली एलपीजी सिलेंडर में भरने का खुलासा हुआ। छापामार टीम के प्रभारी एपी सिंह ने इस मामले में आरोपी फरार धंधेबाज श्रीकृष्ण के खिलाफ तालकटोरा थाने में आवश्यक वस्तु वितरण अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
एजेंसी कर्मियों की मिलीभगत का अंदेशा
आपूर्ति विभाग की टीम ने आलमनगर में कार्रवाई के दौरान सीलबंद घरेलू सब्सिडी युक्त सिलेंडरों की बरामदगी इसमें गैस एजेंसियों से जुड़े कर्मियों की साठगांठ की ओर इशारा करती है। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने भी स्वीकारा कि कोटा तय होने के बावजूद धंधेबाजों को आसानी से इसकी उपलब्धता को भी जांच के दायरे में लाकर पड़ताल की जाएगी। क्षेत्रीय स्तर पर संचालित एजेंसी के डिलीवरीमैनों की साठगांठ से इन्कार नहीं किया जा सकता।