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‘बीहड़’ में दिखेगी चंबल के डाकुओं की कहानी

Fri, 15 Feb 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। सीमा परिहार के बाद कई दूसरे पूर्व डाकू भी जल्द ही बड़े परदे पर अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाते नजर आएंगे। डाकुओं के जीवन पर बनी फिल्म ‘बीहड़’ में सीमा परिहार के साथ मान सिंह और मंगल सिंह ने भी अभिनय किया है। फिल्म के निर्माता निर्देशक कृष्णा मिश्र हैं, जो पहले सीमा परिहार को लेकर उनके जीवन पर एक फिल्म बना चुके हैं। ‘बीहड़’ छह मार्च को प्रदर्शित हो रही है। कृष्णा मिश्र और सीमा परिहार ने गुरुवार को बताया कि ‘बीहड़’ चंबल के दुर्दांत डकैत निर्भय गुर्जर, कुसुमा नाइन, श्रीराम, लालाराम, फूलन देवी, विक्रम मल्लाह जैसे डकैतों को परदे पर उतारने की कोशिश है। फिल्म चंबल के 1975 से 2005 तक के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं पर भी प्रकाश डालेगी। फिल्म में दिखाया गया है कि किस प्रकार श्रीराम और लालाराम की गिरफ्तारी के बाद विक्रम मल्लाह और फूलन देवी का दबदबा बढ़ जाता है। विक्रम और फूलन मानव मल्लाह से मिलकर कुसुमा नाईन का अपहरण कर लेते हैं और उसके माध्यम से श्रीराम और लालाराम को मारना चाहते हैं, लेकिन कुसुमा श्रीराम से मिल जाती है और श्रीराम के हाथों विक्रम मारा जाता है। प्रतिशोध में जलती फूलन मुस्तकीम बाबा की शरण में चली जाती है। बेहमई कांड के विरोध में श्रीराम मइअस्ता कांड को अंजाम देता है। इस बीच ‘बीहड़’ में निर्भय गुर्जर का प्रवेश होता है और कुछ मामूली कारणों की वजह से खतरनाक डकैतों में शुमार किया जाने लगता है।
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कृष्णा मिश्र ने बताया कि फिल्म के लिए निर्भय गुर्जर समेत तमाम जीवित पात्रों (उस समय निर्भय जीवित था) के साक्षात्कार और फिल्म बनाने के लिए मंजूरी भी ली गई थी। फिल्म में बागी मान सिंह और मंगल सिंह ने अपने स्वयं के चरित्रों को परदे पर जीवंत किया है। कृष्णा मिश्र ने बताया कि सेंसर बोर्ड ने चार गानों और 36 कट्स के साथ लगभग आधी फिल्म पर ही कैंची चला दी थी, जिसके बाद उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मुंबई हाईकोर्ट ने मामूली कट्स के साथ फिल्म को मंजूरी दे दी। सीमा परिहार ने बताया कि फिल्म के बाद वह एक धारावाहिक की शूटिंग में व्यस्त हो जाएंगी जो क्रांतिकारियों पर आधारित है।
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