लखनऊ। अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू होने के पहले ही दिन फुस्स होता नजर आया। सोमवार को अमीनाबाद पोस्ट ऑफिस से रकाबगंज चौराहे तक कार्रवाई होनी थी। लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट के देर से पहुंचने के कारण अभियान पूरा नहीं हो सका। नगर निगम का दस्ता और पुलिस बल करीब चार घंटे तक मौके पर पहुंचकर इंतजार ही करता रहा। सिटी मजिस्ट्रेट के आने के शाम करीब चार बजे तक 50 से अधिक कब्जे हटाए गए। इस दौरान बड़ते विरोध को देखते हुए दो दिन की चेतावनी के साथ अमीनाबाद इंटर कॉलेज के पास अभियान स्थगित कर दिया गया। अतिक्रमण विरोधी अभियान के लिए सोमवार को जोरदार तैयार की गई थी। भारी पुलिस बल को देखते हुए दुकानदार भी दहशत में थे। सिटी मजिस्ट्रेट के आने से पहले नगर निगम की टीम ने पुलिस बल के साथ घूम-घूमकर अवैध कब्जे हटाने की कई बाद दुकानदारों को चेतावनी भी दी। इसके चलते कई दुकानदारों ने खुद ही टीन शेड आदि हटा लिए। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में इस दौरान ऐतिहात के तौर पर अमीनाबाद पोस्ट ऑफिस से रकाबगंज की ओर आवागमन भी बंद कर दिया गया था। वहीं, कार्रवाई का विरोध करते समय एक विकलांग दुकानदार चोटिल होते-होते बचा। अवैध कब्जा बचाने के लिए वह दुकान के बाहर आकर बैठ गया। इसी बीच नगर निगम की मशीन ने कब्जा तोड़ना शुरू कर दिया। गनीमत रही कि दुकानदार के बेटे ने उसे हटा लिया और अप्रिय घटना टल गई।
उच्च न्यायालय के निर्देश पर वैसे तो कई विभागों को शामिल होना था। लेकिन लोक निर्माण विभाग व एलडीए का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। अभियान के दौरान निगम के जोनल अधिकारी उदयवीर सिंह राठौर, जोन-दो से सूरज सिंह, कर अधीक्षक श्रीधर यादव व कर निरीक्षक अरुण अवस्थी मौजूद रहे।