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बलरामपुर अस्पताल के थिएटर में संक्रमण, ऑपरेशन ठप

Sun, 10 Feb 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। बलरामपुर चिकित्सालय की ओटी में नाली जाम होने से संक्रमण फैल गया। इसके बाद कई ऑपरेशन टाल दिए गए, जबकि गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि ओटी को विसंक्रमित किया जा रहा है। इसके बाद ही ऑपरेशन शुरू किए जाएंगे, लेकिन मरीजों को दो दिन तक इंतजार करना पड़ेगा। अस्पताल की न्यू बिल्डिंग में जनरल सर्जरी की ओटी नंबर -दो में नाली चोक होने की वजह से वहां पानी पहुंच गया और संक्रमण फैल गया। सर्जरी करने गए चिकित्सकों की इस पर नजर पड़ गई और आनन-फानन में ओटी बंद करा दी गई। गनीमत रही कि संक्रमण की जानकारी सर्जरी से पहले हो गई। ऐसा नहीं होने पर मरीजों की जान को खतरा हो सकता था। इसके बाद अधिकारियों ने ओटी का निरीक्षण किया। इसे विसंक्रमित करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। ओटी में लगी टाइल्स उखाड़ कर नई लगाई जा रही हैं। इसके अलावा दीवारों को साफ कराकर रंगाई-पुताई हो रही है। ओटी के हर हिस्से की साफ-सफाई कराई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन की जरूरत वाले कई गंभीर मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया है। वहीं, ओटी संक्रमित होने की वजह से गरीब मरीजों को ऑपरेशन के लिए भटकना पड़ रहा है। बलरामपुर अस्पताल में हर रोज करीब आठ मरीजों की सर्जरी की जाती है।
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ओटी में पनप गए थे जानलेवा वैक्टीरिया ः विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल की ओटी में नमी व गंदगी से पनपने वाले संक्रमण में वैसीलाई ग्रुप के वैक्टीरिया पनप गए थे। ये सबसे खतरनाक होते हैं और इन हालात में सूडोमोनॉस, इंट्राकाक्स, क्लैबसेला, ई-कोली, स्टैफ आरईएस, वैसीलाई, कैलीबीसेलिया का संक्रमण हो सकता है। ये सभी बैक्टीरिया मरीजों के लिए जानलेवा होते हैं।
ये ऑपरेशन टले ः अस्पताल में हर रोज महज चार सौ रुपए की फीस में पित्ताशय, थायराइड, किडनी के स्टोन, पेशाब की थैली, हार्निया, ट्यूमर समेत कई ऑपरेशन होते हैं। ऐसे में यहां दूरदराज के इलाकों से मरीज ऑपरेशन के लिए आते हैं। ऑपरेशन टलने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब मरीजों को हो रही है।
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भर्ती करने में मचेगी होड़ ः बलरामपुर में सर्जरी करने वाले चिकित्सकों का कहना है कि ओटी शुरू होने पर पचास से अधिक ऑपरेशन करने होंगे। मरीजों को आगे की तारीख दी जा रही है। ऐसे में ओपीडी शुरू होते ही मरीजों को भर्ती करने की होड़ मचेगी। पहले आने वाले मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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