लखनऊ। पांडेयगंज के पूर्वी बिरहाना की संकरी गली स्थित एक दोमंजिला मकान में रहने वाली शिक्षिका व उसकी बुजुर्ग नानी की सोमवार रात हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद कातिल घर का दूसरा दरवाजा बाहर से बंद करके भाग निकले, जबकि मुख्य द्वार भीतर से बंद था। दूधवाले ने मंगलवार सुबह दस्तक दी। कोई आहट न होने पर खिड़की से बाहर वाले कमरे में झांका तो बेड पर शिक्षिका की निर्वस्त्र लाश पड़ी थी। उसका धड़ कंबल से ढका था। दूसरे कमरे में बिस्तर पर उसकी नानी का शव पड़ा था। एक पालतू कुत्ता आंगन में जंजीर से बंधा था, जबकि दूसरा कमरे में बंद था। डॉग स्क्वॉयड व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद से तहकीकात में जुटी पुलिस ने अवैध संबंधों के चलते किसी करीबी पर हत्या का शक जाहिर किया है।
एसओ वजीरगंज अभिनव सिंह पुंडीर ने बताया कि पारा थाने के हंस खेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका चित्रारानी गुप्ता (38) चार-पांच साल से मोहल्ला पूर्वी बिरहाना स्थित दोमंजिला मकान में अपनी नानी अंगूरी देवी (85) के साथ रहती थी। दोनों महिलाओं के अलावा घर में दो पालतू कुत्ते थे। घर में कोई पुरुष नहीं था। दोनों महिलाओं का पड़ोसियों से सिर्फ औपचारिक व्यवहार था। रिमझिम बारिश के चलते मंगलवार सुबह 11 बजे पहुंचे दूधिये ने मोहल्ले के अन्य घरों में दूध देने के साथ चित्रा के घर दस्तक दी। काफी देर तक कुंडी खटखटाने पर जब कोई आहट नहीं हुई तो उसने सीखचों में हाथ डालकर खिड़की के पट पर धक्का मारा। कमरे में बेड पर चित्रा का शव पड़ा था। उसकी दाहिनी आंख पर खून जमा था। दूधिये की चीख सुनकर आसपास के लोग घरों से निकले और पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पांडेयगंज चौकी इंचार्ज लालचंद सरोज मौके पर पहुंचे। गली में स्थित घर के दूसरे दरवाजे पर बाहर से कुंडी लगी थी। पुलिस टीम घर में दाखिल हुई तो सामने के कमरे में अंगूरी देवी भी बिस्तर पर मृत पड़ी थीं। पुलिस ने फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट व डॉग स्क्वॉयड को बुलाकर तहकीकात शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक कोल्ड ड्रिंक के तीन खाली ग्लास से अंदाज लग रहा है कि दो व्यक्तियों ने चित्रा को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाने के बाद गर्दन पर चाकू से वार करके कत्ल किया। इसके बाद दूसरे कमरे में सो रही अंगूरी देवी का गला घोंटकर भाग निकले। मौके से खून से सना चाकू व चित्रा का मोबाइल बरामद हुआ है। उसके कॉल डिटेल से पुलिस को खासी जानकारी मिली है। आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि चार-पांच साल पहले अंगूरी देवी ने मकान खरीदा था। घर में वह अपनी बेटी प्रेमा व नातिन चित्रा के साथ रहती थी। इससे पहले तीनों लोग अमीनाबाद में रहते थे। प्रेमा देवी मौलवीगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थीं। बीमारी के चलते 2009 में उनकी मौत के बाद चित्रा को जुलाई 2010 में प्राथमिक शिक्षक की नौकरी मिली थी।