लखनऊ। निशातगंज क्षेत्र में सोमवार को बिजली चोरी पकड़ने गए दल पर 70-80 लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में दल के अधिशासी अभियंता और उनका कार ड्राइवर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पुलिस ने हमले के कई आरोपियों का हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की पहचान हो चुकी है। अधिशासी अभियंता की तहरीर पर 70-80 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य अभियंता प्रदीप टंडन के अनुसार मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के तीन दल सोमवार को अधिशासी अभियंता संजय सिंह, राजेश कुमार एवं बीके रस्तोगी की अगुवाई में निशातगंज क्षेत्र में स्लो मीटर बदलकर बिजली चोरी रोकने गए थे। क्षेत्र की अलग-अलग गलियों में ये दल बिजली चोरी की जांच कर रहे थे। संजय सिंह ने जेएमटी राजेश कुमार कनौजिया, लाइनमैन ओमप्रकाश व श्रमिक विशाल के साथ चौथी गली में सब्जी कारोबारी छेदा लाल का स्लो मीटर बदल कर नया मीटर लगाया और उससे एक किलोवाट का शमन शुल्क 4000 रुपए शीघ्र जमा करने को कहा। इसके बाद दल दूसरे उपभोक्ता का स्लो मीटर बदलने की कार्रवाई कर रहा था। इसी बीच 3:30 बजे के करीब 70-80 लोगों ने लाठी-डंडे से लैस होकर दल पर हमला बोल दिया और पथराव शुरू हो गया। कर्मचारी जान बचाकर भागे, लेकिन हमलावरों ने संजय सिंह व ड्राइवर अतुल रस्तोगी को पकड़ लिया और लाठी-डंडों से उनकी पिटाई शुरू कर दी। इससे दोनों अंदरूनी चोटें आईं। गंभीर रूप से जख्मी ड्राइवर का मेडिकल कराया गया है। हमलावरों ने कार (यूपी 32 सीएन 8855) भी तोड़ डाली और भाग गए। संजय सिंह ने घटना की सूचना मुख्य अभियंता प्रदीप टंडन सहित अन्य साथियों को दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छापा मारकर 5-6 लोगों को हिरासत में ले लिया और महानगर कोतवाली ले आई। इसी बीच, मुख्य अभियंता और लेसा के अन्य अभियंताओं व कर्मियों ने कोतवाली का घेराव कर दिया और आरोपियों के न पकड़े जाने पर बिजली व्यवस्था ठप करने की चेतावनी दी। पुलिस ने दबाव बढ़ता देख कार्रवाई में तेजी दिखाते हुए हमले की साजिश रखने वाले मुख्य आरोपी की पहचान कर ली। वह फरार है।
छठी गली में भी हंगामा ः स्लो मीटर बदलने के दौरान छठी गली में भी हंगामा हुआ। हालांकि यह उग्र रूप धारण करता उससे पहले निशातगंज की चौथी गली में हमले की घटना हो गई। इसके कारण यहां के उपभोक्ता भी भाग गए।
एक-दूसरे लगाया आरोप ः उपभोक्ताओं का आरोप था कि दल चायनीज मीटर बदलने का दबाव बना रहा था। बिजली चोरी पकड़ने के दौरान कई उपभोक्ताओं पर सुविधा शुल्क देने का भी दबाव बनाया गया, जिसके कारण यह घटना हुई। जबकि दल का कहना कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत यह हमला किया गया, जिससे अभियान प्रभावित हो जाए।