लखनऊ। कांशीराम आश्रयहीन योजना के मकान दिलाने के नाम पर रुपये हड़पने वाला दरोगा का पुत्र बड़ा खिलाड़ी निकला। उसने साथी के साथ मिलकर बीपीएल कार्ड बनवाने के नाम पर कई गरीब परिवारों से रकम ऐंठ रखी है। पुलिस की पूछताछ में सोमवार को पूरे खेल का खुलासा हुआ। आरोपी ने बताया कि विश्वास जमाने के लिए दोनों उप्र सहकारी आवास समिति लिमिटेड की 4000 रुपये की फर्जी रसीद भी देते थे। केजीएमयू के चौकी प्रभारी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
दरोगा का पुत्र रामलखन व उसके साथी इकबाल ने बालागंज के 30, खदरा के 50, कैसरबाग के 50 व अमीनाबाद के 50 गरीब परिवारों से बीपीएल कार्ड बनवाने के नाम पर रुपये लिए थे। पुलिस का कहना है कि बीपीएल कार्ड के नाम पर जालसाजों ने करीब 7.20 लाख रुपये वसूले। केजीएमयू चौकी प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने दोनों आरोपियों के खिलाफ ठगी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। जालसाज रामलखन के पिता ट्रांसगोमती इलाके के एक थाने में तैनात हैं। रौब गंठाने के रामलखन ने पुलिस काफर्जी परिचय पत्र बनवा रखा था। रामलखन ने कबूला कि वह बीपीएल कार्ड बनवाने के लिए प्रति व्यक्ति 4000 रुपये वसूलता था। विश्वास जमाने के लिए 4000 रुपये की उप्र सहकारी समिति लिमिटेड की फर्जी रसीद देते थे। कार्ड न मिलने जब लोगों ने विरोध किया तो दरोगा पुत्र ने वर्दी का रौब दिखाकर शांत करा दिया। पुलिस टीम ठगी के शिकार लोगों से संपर्क कर रही है।
छह और महिलाओं ने की शिकायत
कांशीराम आश्रयहीन आवास दिलाने के नाम पर ठगी की शिकार छह और महिलाओं ने चौक पुलिस से शिकायत की है। महिलाओं का आरोप है कि रामलखन और इकबाल ने मकान दिलाने के नाम 25-25 हजार रुपये लिए थे। छह माह बीतने के बावजूद न तो मकान दिलाया और न ही पैसे वापस किए। पैसे मांगने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा था। इंस्पेक्टर चौक का कहना है कि महिलाओं ने शिकायत तो की है, लेकिन लिखित तहरीर नहीं दी है।
प्रॉपर्टी के धंधे में घाटा होने पर शुरू की जालसाजी
पुलिस की मानें तो प्रॉपर्टी के धंधे में घाटा होने पर रामलखन ने जालसाजी शुरू कर दी। पूछताछ में रामलखन ने बताया कि वह दुबग्गा व मड़ियांव में प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने का काम करता था। इसी दौरान एक जमीन खरीद कर पार्टनशिप में प्लाटिंग का काम शुरू किया। मगर, पार्टनर के धोखा देने पर पैसा डूब गया। इस बीच उसकी मुलाकात टीनशेड बेचने वाले इकबाल से हुई। इसके बाद दोनों ने मिलकर जालसाजी शुरू कर दी।