लखनऊ। जंतु उद्यान राज्य मंत्री व लखनऊ के प्रभारी डॉ. शिव प्रताप यादव की फटकार के बाद रविवार को अवैध इमारतों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। पहले दिन महानगर सेक्टर सी के 706 नंबर के अपार्टमेंट की ऊपरी डेढ़ मंजिल तोड़ दी गई। करीब एक साल पहले इसी अपार्टमेंट का अवैध निर्माण तोड़ने पर एलडीए के दस्ते को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। इसे देखते हुए एलडीए का दस्ता पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ रविवार सुबह यहां पहुंचा और बेसमेंट (पार्किंग) को मिलाकर इस पांच मंजिले अपार्टमेंट की अवैध ढाई मंजिलों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। बिल्डरों ने इसके विरोध में काफी हंगामा किया मगर उसका कोई असर नहीं हुआ।
एलडीए का दस्ता अपार्टमेंट के अवैध निर्माण को तोड़ने लिए बड़ी-बड़ी ड्रिल मशीनें और ट्रॉली वाला बड़ा जेनरेटर लेकर आया था। दस्ते के साथ करीब दो दर्जन मजदूर भी थे। इनमें से कुछ ड्रिल मशीनें चला रहे थे तो कुछ बड़े-बड़े हथौड़ों और बल्लियों से दीवारें तोड़ने में जुटे थे। महानगर सेक्टर सी में भूखंड संख्या सी 706 एकल आवासीय है, जिस पर बिल्डर बाबू भाई ने पांच मंजिला अपार्टमेंट बनाया है। हालांकि एलडीए से इस अपार्टमेंट का मानचित्र नौशाद आलम के नाम से पास कराया गया है। इस अपार्टमेंट में एक मंजिल पर तीन फ्लैट और कुल 12 फ्लैट हैं। एलडीए के मुख्य अभियंता एससी मिश्रा ने बताया कि एकल आवासीय भूखंड पर ढाई मंजिल तक ही निर्माण किया जा सकता है और इसके लिए ही एलडीए ने मानचित्र पास किया था। इसके अलावा किए गए अवैध निर्माण को तोड़ा जा रहा है।
इसी अपार्टमेंट से सटे सी-705 नंबर भूखंड पर भी अपार्टमेंट का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें एक मंजिल पर स्लैब पड़ी है और उसके ऊपर तीन मंजिल तक निर्माण के लिए पिलर खड़े हैं। इस इमारत में भी डेढ़ मंजिल अवैध है। यहां पर भी एलडीए के दस्ते ने कुछ निर्माण तोड़ा। इमारत के मालिक ने अधिकारियों से खुद ही अवैध मंजिल तोड़ने का वादा किया।
बाबू से लेकर वीसी तक पहुंचता है पैसा
अपार्टमेंट का अवैध निर्माण तोड़े जाने का विरोध कर रहे बिल्डरों ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये घूस लेकर एलडीए अधिकारियों ने ही निर्माण कराया था। बाबू से लेकर वीसी तक पैसा पहुंचता है, तब वे निर्माण करा पाते हैं। बिल्डर बाबू भाई ने आरोप लगाया कि साल भर पहले भी उनकी बिल्डिंग तोड़ी गई थी। उन्होंने एलडीए अधिकारियों को 12 लाख रुपये घूस दी, तब बिल्डिंग दोबारा बन सकी। बिल्डर खुलेआम आरोप लगाए जा रहा था और एलडीए के अभियंता सिर झुकाए चुपचाप सुन रहे थे। उसने यह भी कहा कि तीन मंजिल का उसका मानचित्र पास है और उसने पांच मंजिल तक निर्माण किया है।
बिल्डरों ने की नारेबाजी
अपार्टमेंट को तोड़े जाने की जानकारी के बाद बिल्डर एसोसिएशन के लोग मौके पर पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें अपार्टमेंट से 100 मीटर पहले ही रोक दिया। इस पर बिल्डरों ने नारेबाजी की और एलडीए अधिकारियों से बात कराने की मांग की। स्थानीय पुलिस इंसपेक्टर एलडीए अभियंताओं और अधिकारियों के पास गए, लेकिन उन्होंने बिल्डरों का पक्ष सुनने से इनकार कर दिया। मौके पर उपस्थित एलडीए सचिव एपी तिवारी भी बिल्डरों की बात बिना सुने निकल गए। इसके बाद भी बिल्डर हंगामा करते रहे और गिरफ्तारी देने की बात कही। इस पर पुलिस ने बस मंगाने की बात कही, लेकिन न बस आई और न ही बिल्डरों ने गिरफ्तारी दी। विरोध-हंगामा का कोई असर न होते देख बिल्डर वहां से चले गए।
महानगर में हैं 15 अवैध इमारतें
एलडीए के मुख्य अभियंता एससी मिश्रा का कहना है कि महानगर क्षेत्र में 15 बहुमंजिली इमारतों में मानचित्र के विपरीत निर्माण किया गया है। इन इमारतों के अवैध हिस्से को भी ध्वस्त किया जाएगा। अभी तो शुरुआत हुई है। शहर की अन्य अवैध इमारतें भी ध्वस्त की जाएंगी।