मिड डे मील का दूध पीने के बाद बीमार बच्चे
बच्चे किसी तरह घर पहुंचे तो उनकी दशा देख परिजन हैरान हो गए। इस बीच कई बच्चे घर में बेहोश हो गए। यह देखकर रोना-पीटना मच गया। लोग अपने बच्चों को लेकर गौरा सीएचसी पहुंचे। एक-एक कर 72 बच्चों की तबियत बिगड़ गई। मामले की जानकारी मिलते ही एडीएम सोमदत्त मौर्य, एएसपी पश्चिमी बसंताल, एसडीएम रानीगंज, सीओ रानीगंज के साथ ही सीएमओ आसपास के डाक्टरों को लेकर अस्पताल पहुंचे।
पटहटिया कला के रहने वाले राजेश गौतम के बेटे अनुज गौतम (4) और बेटी बेबी गौतम की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा 40 अन्य पीड़ित बच्चों को भी जिला अस्पताल एंबुलेंस व दूसरे वाहनों से भेजा गया। यहां जिलाधिकारी शंभु कुमार, सीडीओ राजकमल व सीआरओ अस्पताल पहुंचे। पीड़ित बच्चों का उपचार चल रहा है। हालत गंभीर होने के कारण अनुज और बेबी को डाक्टरों ने जिला अस्पताल से इलाहाबाद रेफर कर दिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी दोनों बच्चों को लेकर एसआरएन रवाना हुए।
एक साथ इतनी संख्या में बच्चों के बीमार होने से गौरा सीएचसी से जिला अस्पताल तक चीखपुकार मची रही। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि लापरवाही बरतने वाले प्रधानाध्यापक आशुतोष शुक्ला व सहायक शिक्षक कमलेश पाल को सस्पेंड कर दिया गया है। शिक्षिका वाल्मीकि सरोज व अंजू यादव का वेतन रोक दिया गया है। घटना की जांच करने के लिए शिवगढ़ व पट्टी खंड शिक्षा अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है।
पुलिस ने स्कूल से उल्टी वाली टाटपट्टी व चटाई अपने कब्जे में ले ली है। रसोइया विमला देवी की तबियत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। रसोइया रामआसरे और क्रांति देवी को फतनपुर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बच्चों को दिए गए दूध का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।