लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी के हड़ताली संविदा कर्मियों (ड्राइवरों व कंडक्टरों) को बुधवार सुबह से नौकरी से निकालने की कार्रवाई शुरू हो गई है। कंपनी के प्रबंध निदेशक ने इन संविदा कर्मियों को बुधवार सुबह 9 बजे तक अपने-अपने डिपो में उपस्थित होकर बस संचालन करने का अल्टीमेटम दिया था।
लंबी दूरी का बस संचालन प्रभावित
बुध्ावार सुबह कोई हड़ताली संविदा कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आया। इसके कारण मंगलवार को पटरी से उतरी सिटी बस सेवा बुधवार को भी पटरी पर नहीं लौट सकी। दूसरी तरफ, प्रदेश के दर्जन भर जिलों में बुधवार से लंबी दूरी का बस संचालन प्रभावित हुआ है।
गौरतलब है कि लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी के संविदा ड्राइवरों एवं कंडक्टरों के कार्य बहिष्कार पर जाने के कारण मंगलवार को 120 में से महज 30 बसों का ही संचालन हुआ। इसके कारण शहर भर में 60 हजार लोग सिटी बस को तरस गए।
लोगों को नहीं मिली सिटी बस की सुविधा
बेड़े की रोजाना चलने वाली 120 से 125 सिटी बस की संख्या घटकर 30 ही रह गई। इन बसों का सामान्य रूप से टर्मिनल से संचालन भी नहीं हुआ। ये बसें महानगर के गोल मार्केट से आलमबाग के अवध अस्पताल तक ही चली।
इसके कारण इंजीनियरिंग कॉलेज, मुंशी पुलिया, बीबीडी, गोमतीनगर एवं पालीटेक्निक चौराहा, बादशाहनगर, आलमबाग, सरोजनीनगर, पीजीआई, रजनीखंड, दुबग्गा आदि जाने वाले लोगों को सिटी बस की सुविधा नहीं मिल सकी।