आवेदन में गड़बड़ी को सुधारने का मौका मिलने के बाद भी उसे ठीक न करने के कारण टीईटी के 50 हजार फार्म निरस्त कर दिए गए। शिक्षक पात्रता परीक्षा 22 व 23 को होने वाली है।
इन आवेदकों को संशोधन का अब कोई और मौका नहीं दिया जाएगा। आवेदन निरस्त होने की ज्यादातर वजह शैक्षिक योग्यता के कॉलम में गलत योग्यता भरना है।
प्राथमिक स्तर की टीईटी के लिए सिर्फ बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी व उर्दू बीटीसी करने वालों को योग्य माना गया है लेकिन बीएड डिग्रीधारियों ने प्राथमिक स्तर के लिए आवेदन कर दिया है।
साइबर कैफे वालों के कारण हुआ
इसी तरह शासनादेश के मुताबिक 1997 के बाद के मोअल्लिम डिग्रीधारी टीईटी के लिए अर्ह नहीं है लेकिन उन्होंने भी आवेदन कर रखे हैं। डीएड करने वाले उच्च प्राथमिक की परीक्षा देने के योग्य नहीं है लेकिन इन्होंने भी फार्म भरे हैं।
सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है इसलिए आवेदनों की स्क्र्रीनिंग के दौरान यह फार्म निरस्त हो गए। इसके अलावा काफी संख्या में ऐसे आवेदक हैं, जो साइबर कैफे वालों की वजह से परीक्षा देने से वंचित हो गए हैं।
गलतियों के कारण रद्द हुए फार्म
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों ने साइबर कैफे संचालकों को शैक्षिक ब्यौरा देकर आवेदन करने के लिए दे दिया लेकिन उन्होंने आवेदन करने के दौरान किसी की फोटो किसी में लगा दी।
जब प्रवेश पत्र निकाला तो पता चला कि फोटो उनकी नहीं है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव का कहना है कि आवेदकों को अब कोई और मौका नहीं दिया जाएगा।
2012 में भी हुई थी गलती
परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से जून 2012 में हुई टीईटी में इन्हीं गलतियों की वजह से डेढ़ लाख आवेदकों के फार्म निरस्त हो गए थे। आवेदकों को आवेदनपत्रों में संशोधन करने की छूट नहीं दी गई थी लेकिन इस बार संशोधन का भी मौका दिया गया था।
इससे आवेदक गलतियों को सुधार कर और प्रमाणपत्र के साथ इसकी प्रति जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान में जमा कर दें। इसके बाद भी आवेदकों ने गलती कर दी है।