उत्तर प्रदेश के कई जिलों से आकर भागूवाला से चारधाम यात्रा पर निकले पांच हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों का कोई सुराग नहीं है।
दो टूरिस्ट बसों के एजेंटों के भी बाढ़ में बहने की खबर से बस चालकों में हड़कंप मचा है। देवभूमि पर आए जल प्रलय के बाद 100 से ज्यादा एजेंटों का अपने यात्रियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
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लखनऊ, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, फैजाबाद, गोरखपुर, बलिया, गौंडा, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, अयोध्या, नवाबगंज, बलरामपुर सहित कई जनपदों से आकर 100 से ज्यादा टूरिस्ट बसें भागूवाला में जमी हैं।
दरअसल यह बसें चारधाम यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को ऋषिकेश तक छोड़कर वापस भागूवाला में आकर खड़ी हो गईं थीं। इन बसों से पांच से छह हजार तीर्थयात्रियों के यात्रा पर जाने की बात बताई जा रही है।
देवभूमि पर आए जल प्रलय के बाद से अब तक तीर्थयात्री एवं एजेंट वापस भागूवाला नहीं लौटे हैं, और न ही उनका संपर्क टूरिस्ट बस चालकों से हो सका है।
टूरिस्ट बस चालकों का कहना है कि वे करीब 15 दिन से भागूवाला में खड़े हैं। बीते चार-पांच दिन उनके लिए खासे मुश्किल भरे गुजरे हैं। उनके पास चाय-पानी, रोटी के लिए पैसे तक नहीं हैं। चालकों का कहना है कि यही हालात रहे, तो उनके भी भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।
टूरिस्ट बस चालक त्रिपुरारी ने बताया कि उनकी बस के एजेंट मिश्रा जी और एक अन्य टूरिस्ट बस के एजेंट सुल्तानपुर निवासी उमाशंकर के बाढ़ में बहने की सूचना मिली है। साथ ही पांच हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों की भी कोई सूचना नहीं मिल रही है। देवभूमि त्रासदी के बाद से डरे-सहमे चालकों ने स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार की है।