डिग्री कॉलेजों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों शिक्षकों का सपना जल्द पूरा होने वाला है। ऐसे निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रदेश के वित्त पोषित डिग्री कालेजों में रिक्त लगभग चार हजार पदों को भरे जाने के लिए हाईकोर्ट काफी सख्त है।
बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की कोर्ट में पेशी के दौरान न्यायालय ने साफ कर दिया कि प्रवक्ताओं के पद हर हाल में भरे जाएं।
नियुक्ति प्रक्रिया और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार को लेकर न्यायालय ने प्रदेश सरकार को व्यापक निर्देश दिए हैं। वैभवमणि त्रिपाठी द्वारा दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और एके मिश्र की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
1652 पदों पर होगी पहले भर्ती
मुख्य सचिव ने अवगत कराया कि डिग्री कालेजों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए कुलपतियों और रजिस्ट्रार की एक कमेटी गठित की गई है।
प्रवक्ताओं के 1652 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। चयन का जिम्मा छत्रपति साहू जी महराज विश्वविद्यालय को दिया गया है। चयन ओएमआर सीट पर बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र पर आधारित परीक्षा के माध्यम से होगा।
खंडपीठ ने निर्देश दिया है कि ओएमआर सीट और ‘ऑनसर की’ तैयार करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाए कि वह सभी प्रश्नोत्तर सही तरीके तैयार करे। गलती होने पर जिम्मेदार व्यक्ति को सजा मिलनी चाहिए।
अक्सर प्रश्नोत्तर में गलती की वजह से चयन प्रक्रिया लटक जाती है। कुलपतियों की समिति समय से रिपोर्ट दे और सरकार उसे तत्परता से लागू करे।
शिक्षकों की है कमी
न्यायालय ने निर्देश दिया है कि छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति कालेज और उच्च शिक्षा निदेशालय की वेबसाइड पर लोड किया जाए। जिससे शिक्षकों की संख्या, कितनी कक्षाएं चली और छात्रों की वास्तविक संख्या की जानकारी एक क्लिक में हो सके।
कोर्ट ने कहा कि यूजीसी द्वारा जारी गाइड लाइन के बाद सभी कॉलेजों में छात्रों की संख्या 54 प्रतिशत तक बढ़ गई मगर छात्र-अध्यापक अनुपात को लेकर आयोग का मानक पूरा नहीं हो रहा है।
यूजीसी के वकील रिजवान अली अख्तर भी इस दौरान मौजूद थे। कोर्ट ने सरकार को जून माह तक रिटायर्ड शिक्षकों की नियुक्ति का कार्य पूरा करने की छूट देते हुए कहा है कि यदि तब भी शिक्षकों की कमी रहती है तो सरकार उचित निर्णय ले सकती है।
मानदेय पर तैनात शिक्षक हैं नियुक्ति में बाधा
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कोर्ट को बताया कि 331 वित्त पोषित डिग्री कालेजों में 11272 अध्यापकों के स्वीकृत पद हैं जिनमें 7298 पद पर शिक्षक कार्यरत हैं। 3974 पद रिक्त हैं।
पूर्व में 1271 पदों पर नियुक्ति हुई थी। नियमित नियुक्ति की राह में मानदेय पर नियुक्ति शिक्षक वास्तविक रोड़ा हैं। अक्सर इनके द्वारा न्यायालय में विवाद ले जाने से नियुक्ति प्रक्रिया लटक जाती है।
शासन ने वर्ष 2011 में तय किया है कि अब मानदेय पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाएगी। चार मार्च 2014 को नई नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया गया है।
चयन प्रक्रिया पूरी होने के दौरान शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो इसके लिए 64 वर्ष आयु के सेवानिवृत्त शिक्षकों को एक वर्ष के लिए नियुक्त करने की योजना है। यह कार्य जून में पूरा कर लिया जाएगा ताकि सत्र प्रारंभ होने से पूर्व शिक्षकों की स्थिति स्पष्ट रहे।