भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक में फाइनल मुकाबले से पहले अयोग्य करार दिया गया था। उनका वजन निर्धारित सीमा से 100 ग्राम अधिक पाया गया था। हालांकि, उन्होंने वजन कम करने के लिए पूरी रात कड़ी मेहनत की थी लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाई थीं। अब स्टार पहलवान के कोच वूलर एकोस ने उस रात को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि विनेश की हालत देखकर उन्हें लगा था कि वह मर जाएगी।
विनेश फोगाट
- फोटो : https://www.instagram.com/vineshphogat/
दरअसल, छह अगस्त (मंगलवार) को प्री क्वार्टर फाइनल में उतरने से पहले जो वजन मापा गया था, तब विनेश 49.9 किलो की थीं, जो कि 50 किलो भारवर्ग में उतरने के लिए ठीक था। हालांकि, मंगलवार को तीन राउंड, प्री क्वार्टर फाइनल, क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल खेलने के बाद उनका वजन 52.7 किलो हो गया, जो कि 2.8 किलो ज्यादा था। बुधवार को फाइनल मुकाबले से पहले उन्होंने वजन कम करने के लिए पूरी रात मेहनत की थी।
विनेश फोगाट
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विनेश के कोच, न्यूट्रिशनिस्ट और डॉक्टरों ने उनके वजन को कम करने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनके पास समय नहीं था। इस बीच महिला पहलवान के कोच वूलर एकोस ने अपनी फेसबुक पोस्ट में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि स्वर्ण पदक मुकाबले से एक रात पहले वजन कम करना कितना दर्दनाक था। उन्होंने बताया कि एक समय उन्हें महसूस हुआ कि विनेश की मौत हो जाएगी।
विनेश फोगाट
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वूलर ने लिखा, "सेमीफाइनल के बाद 2.7 किलोग्राम अतिरिक्त वजन बचा था। हमने एक घंटे और बीस मिनट तक व्यायाम किया, लेकिन फिर भी 1.5 किलोग्राम वजन बचा था। बाद में, 50 मिनट के सॉना के बाद भी उसके शरीर पर पसीने की एक बूंद भी नहीं दिखी। उसके पास कोई विकल्प नहीं बचा था और आधी रात से सुबह 5:30 बजे तक, उसने अलग-अलग कार्डियो मशीनों पर काम किया। एक बार में लगभग तीन-चौथाई घंटे, दो-तीन मिनट के आराम के साथ। फिर उसने फिर से शुरू किया। वह गिर गई, लेकिन किसी तरह हमने उसे उठाया, और उसने सौना में एक घंटा बिताया। मैं जानबूझकर नाटकीय विवरण नहीं लिखता, लेकिन मुझे केवल यह लग रहा था कि वह मर सकती है।" मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सभी बातें वूलर ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखी थीं। हालांकि, उन्होंने इसे अब डिलीट कर दिया है।
विनेश फोगाट का स्वागत करते हुए।
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पदक से चूकने के बावजूद विनेश का स्वदेश पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया था। दिल्ली एयरपोर्ट पर शनिवार को उनके प्रशंसकों ने विनेश का जोरदार स्वागत किया। विनेश खुली कार में सवार होकर प्रशंसकों का अभिवादन करती रहीं और प्रशंसकों ने उन पर फूलों की बौछार की। हरियाणा में अपने गांव पहुंचने पर विनेश का सम्मान किया गया जहां उन्होंने स्वीकार किया कि ओलंपिक में पदक से चूकना एक गहरा घाव है जिससे उबरने में समय लेगा।