पेरिस ओलंपिक के बाद अब 28 अगस्त से पैरालंपिक खेलों का आयोजन होना है। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में 19 पदक जीते थे और इस बार भी देश को पैरा खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। भारत की ओर से 84 सदस्यीय दल इसमें हिस्सा लेगा जिनके लिए शुक्रवार को विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि उन्हें खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद है।
इस मौके पर खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के अध्यक्ष देवेन्द्र झाझड़िया और उद्घाटन समारोह में भारतीय ध्वजवाहक भाला फेंक चैंपियन सुमित अंतिल मौजूद थे। मांडविया ने पिछले कुछ वर्षों में पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा, भारत का 84 सदस्यों का दल पेरिस जा रहा है। पिछली बार टोक्यो पैरालंपिक में यह संख्या 56 थी। हमारे 56 खिलाड़ियों के दल ने 19 पदक जीते लेकिन इस बार हमारे खिलाड़ियों की संख्या 84 है। हमें उम्मीद और विश्वास है कि हमारे खिलाड़ी पेरिस में पहले से अच्छा प्रदर्शन कर अपने माता पिता और देश का गौरव बढ़ाएंगे। आप चुनौती को चुनौती देने वाले खिलाड़ी हो, आप विपरीत परिस्थिति को अनुकूल करने वाले लोग हो। आपको बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।
इस मौके पर भाला फेंक चैंपियन सुमित और गोला फेंक की अनुभवी खिलाड़ी भाग्यश्री जाधव को उद्घाटन समारोह के लिए भारतीय दल का ध्वजवाहक नामित किया गया। सुमित ने कहा, मैं इन खेलों में एक बार फिर से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हूं। कोशिश रहेगी कि स्वर्ण पदक के साथ देश वापस आएं। इस बड़े आयोजन में देश का ध्वजवाहक होना गर्व की बात है। यह पहली बार है जब मैं पैरा खेलों के उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनूंगा। काफी अच्छा लग रहा है।
झाझड़िया को 25 से अधिक पदक जीतने की उम्मीद
पीसीआई अध्यक्ष झाझड़िया ने कहा कि उन्हें भारतीय दल से 25 से ज्यादा पदक की उम्मीद है। उन्होंने कहा, मैंने 25 पदक का लक्ष्य बताया है लेकिन मुझे उससे अधिक पदक की उम्मीद है। मैं खुद खिलाड़ी रहा हूं और मैंने भारतीय खिलाड़ियों की तैयारियों को करीब से देखा है। मुझे उनसे काफी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। हम अगर इस लक्ष्य को हासिल कर सकें तो पदक तालिका में शीर्ष 20 देश में जगह बना सकते है। मुझे एथलेटिक्स से सबसे ज्यादा पदक की उम्मीद है। इसमें हमारे 38 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। हमारे सभी खिलाड़ी पदक के दावेदार हैं।