एशियाई खेल के पांचवें दिन भारतीय पुरुष निशानेबाजों की टीम ने 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सरबजोत सिंह, शिव नरवाल और अर्जुन सिंह चीमा की भारतीय तिकड़ी ने कुल 1734 अंक के साथ चीन को एक अंक से हराकर टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीता। वियतनाम ने 1730 के साथ कांस्य पदक जीता। सरबजोत (580) और अर्जुन (578) क्रमशः 5वें और 8वें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत स्पर्धा फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। शिवा (576) 14वें स्थान पर रहे। शनिवार को अपना 22वां जन्मदिन मनाने जा रहे सरबजोत ने टीम स्वर्ण पदक के रूप में खुद को तोहफा दिया।
भारतीय पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल टीम ने धीमी शुरुआत से उबरते हुए स्वर्ण पदक जीता। सरबजोत सिंह, अर्जुन सिंह चीमा और शिवा नरवाल की तिकड़ी ने मिलकर 1734 अंकों के साथ टीम स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने चीन को केवल एक अंक से हराया, जिसमें सरबजोत और नरवाल ने एक सही शॉट (10) हासिल कर शीर्ष स्थान हासिल किया। सरबजोत और चीमा ने भी शानदार वापसी के बाद शीर्ष आठ में जगह बनाकर व्यक्तिगत फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
इन तीनों निशानेबाजों की शुरुआत कुछ खास नहीं थी और फाइनल में पहुंचने के लिए तीनों को काफी बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत थी। निशानेबाजी में टीम के पदक खिलाड़ियों के निजी स्कोर को मिलाकर तय किए जाते हैं। ऐसे में टीम का ज्यादा योगदान नहीं होता। जिस देश के खिलाड़ी निजी रूप से अच्छा प्रदर्शन करते हैं, वही टीम पदक जीतती है, लेकिन भारतीय निशानेबाजों ने इसे गलत साबित किया। शुरुआत में पिछड़ने के बाद तीनों ने दमदार वापसी की और दो खिलाड़ी फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। तीसरे खिलाड़ी फाइनल से चूक गए, लेकिन अंत में शानदार शॉट हासिल कर देश को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम योगदान दिया।
नियम के अनुसार एक देश के दो ही खिलाड़ी फाइनल में पहुंच सकते हैं। ऐसे में शिव शीर्ष खिलाड़ियों में भी होते तो फाइनल में जगह नहीं बना पाते, क्योंकि बाकी दोनों भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन उनसे बेहतर था।