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कुश्ती को बचाने के लिए आगे आएं पीएमः सतपाल

Tue, 12 Feb 2013 09:05 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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ओलंपिक पदक विजेता पहलवानों सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के गुरु द्रोणाचार्य अवार्डी सतपाल ने आईओसी के कार्यकारी बोर्ड की कुश्ती को 2020 ओलंपिक से हटाने की सिफारिश को भारत के खिलाफ साजिश बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री और खेल मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
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बकौल सतपाल, ‘यह बड़े खेल की बात है कि जो खेल पहले ओलंपिक से चला आ रहा है, उसे हटाने की सिफारिश की गई है। मैं प्रधानमंत्री और खेल मंत्री से अपील करता हूं कि वे कुश्ती को बचाने के लिए हस्तक्षेप करें क्योंकि आईओए तो अपने निलंबन के कारण अस्तित्व में ही नहीं है।'

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि आईओसी के कार्यकारी बोर्ड की बैठक में कुश्ती की पैरवी करने के लिए कोई मौजूद नहीं था। यह भारत के खिलाफ एक साजिश हो सकती है, जो इस खेल में एक ताकत के रूप में उभरकर सामने आया है। भारत के पांच पहलवानों में से दो ने लंदन ओलंपिक में पदक हासिल किए थे।’
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सबने कहा, गलत हुआ
‘मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि आखिर क्यों आईओसी ने 2020 ओलंपिक से कुश्ती को हटाने का फैसला किया। हालांकि मुझे नहीं लगता कि आईओसी के लिए ओलंपिक से कुश्ती हटाना आसान होगा क्योंकि यह पुराना खेल हैं और पूरी दुनिया में लोकप्रिय है।’ - सुशील कुमार

‘मैं इस खबर को सुनकर काफी निराश हूं। कुश्ती ने ओलंपिक में भारत को एक पहचान दिलाई है। आने वाले युवा पहलवानों और उनके भविष्य का क्या होगा। जो युवा 2020 ओलंपिक के लिए तैयारियां कर रहे हैं उनका क्या होगा। इस फैसले से वह लक्ष्यहीन हो जाएंगे।’ - योगेश्वर दत्त

‘इस खबर से मुझे झटका लगा है। जब मैने पहली बार टीवी पर यह खबर देखी तो मुझे लगा कि आईओसी मजाक कर रहा है। वे ऐसा नहीं कर सकते। यह चौंकानेवाला और निराशाजनक हैं। ओलंपिक से कुश्ती हटने से भारत की पदक की संभावनाओं पर भी असर पड़ेगा।’ - विनोद कुमार, चीफ नेशनल कोच

‘आईओसी के वर्तमान अध्यक्ष जैक्स रोगे कुश्ती को ज्यादा पसंद नहीं करते। लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि इस फैसले को बदला जाएगा। आईओसी में भारत के सदस्य रणधीर सिंह को यह मामला अब गंभीरता से उठाना चाहिए कि कुश्ती को ओलंपिक से हटाने की सिफारिश क्यों की गई है।’ - राज सिंह, जनरल सेक्रेटरी, डब्लूएफआई
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ओलंपिक में भारत की कुश्ती का इतिहास
- कुश्ती 1896 में पहले आधुनिक ओलंपिक खेलों से खेल महाकुंभ का हिस्सा चला आ रहा है।
- लंदन में फ्रीस्टाइल में 11 पदक स्पर्धाओं और ग्रीको रोमन में 7 पदक स्पर्धाओं में 344 पहलवानों ने हिस्सा लिया था।
- 26 खेलों की समीक्षा के बाद आईओसी ने कुश्ती को ओलंपिक से हटाने का फैसला किया गया।
- भारत ने पिछले दो ओलंपिक में तीन पदक जीते, सुशील ने बीजिंग में कांस्य और लंदन में रजत पदक जबकि योगेश्वर दत्त ने लंदन में कांस्य पदक जीता था।
- भारत को ओलंपिक में पहला पदक कुश्ती में ही मिला था तब केडी जाधव ने 1952 में कांस्य पदक जीता था।
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