सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत 25 पदकों की संख्या तक पहुंच पाएगा, क्योंकि अगर ऐसा होता है या भारत 20 पदकों की संख्या को भी पार करता है तो टोक्यो पैरालंपिक का रिकॉर्ड टूट जाएगा। भारत के लिए फिर पेरिस पैरालंपिक सबसे सफल पैरालंपिक साबित होगा। अभी तक ऐसा होता हुआ दिख रहा है। टोक्यो पैरालंपिक 2020 अब तक भारत का सबसे सफल पैरालंपिक रहा है। उसमें भारत ने 54 एथलीट्स भेजे थे और 19 पदक जीतने में कामयाब रहे थे। इनमें पांच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक शामिल थे। टोक्यो 2020 में भारत का रैंक 24 रहा था। भारत के पास इससे पार पाने का शानदार मौका है।
पैरालंपिक खेलों में अब तक भारत का प्रदर्शन
| पैरालंपिक्स |
एथलीट्स |
स्वर्ण |
रजत |
कांस्य |
कुल |
रैंक |
| 1960 रोम |
हिस्सा नहीं लिया |
| 1964 टोक्यो |
| 1968 तेल अवीव |
10 |
0 |
0 |
0 |
0 |
- |
| 1972 हाइडेलबर्ग |
10 |
1 |
0 |
0 |
1 |
25 |
| 1976 टोरंटो |
हिस्सा नहीं लिया |
| 1980 आर्नहेम |
| 1984 स्टोक मंसीविल/न्यूयॉर्क |
5 |
0 |
2 |
2 |
4 |
37 |
| 1988 सियोल |
2 |
0 |
0 |
0 |
0 |
- |
| 1992 बार्सिलोना |
9 |
0 |
0 |
0 |
0 |
- |
| 1996 अटलांटा |
9 |
0 |
0 |
0 |
0 |
- |
| 2000 सिडनी |
4 |
0 |
0 |
0 |
0 |
- |
| 2004 एथेंस |
12 |
1 |
0 |
1 |
2 |
53 |
| 2008 बीजिंग |
5 |
0 |
0 |
0 |
0 |
- |
| 2012 लंदन |
10 |
0 |
1 |
0 |
1 |
67 |
| 2016 रियो डी जनेरियो |
19 |
2 |
1 |
1 |
4 |
43 |
| 2020 टोक्यो |
54 |
5 |
8 |
6 |
19 |
24 |
| 2024 पेरिस |
84 |
3 |
5 |
7 |
15* |
अभी
तय नहीं |
| 2028 लॉस एंजिलिस |
आगामी |
| 2032 ब्रिस्बेन |
| |
कुल पदक (46): 12 स्वर्ण, 17 रजत और 17 कांस्य |
पैरालंपिक खेलों की शुरुआत 1960 में रोम पैरालंपिक खेलों से हुई थी। हालांकि, भारत ने 1960 और फिर इसके बाद 1964 टोक्यो पैरालंपिक खेलों में हिस्सा नहीं लिया था। 1968 तल अवीव पैरालंपिक खेलों में भारत कोई पदक नहीं जीत सका था, जबकि 1972 हीडलबर्ग पैरालंपिक खेलों में भारत ने सिर्फ एक स्वर्ण समेत एक पदक जीता था। तब भारत का रैंक 25 रहा था। 1976 टोरंटो और 1980 आर्नहेम पैरालंपिक खेलों में भारत ने हिस्सा नहीं लिया था। भारत ने 1984 पैरालंपिक्स में चार पदक जीते थे और 37वें स्थान पर रहा था। 1988 सियोल, 1992 बार्सिलोना, 1996 अटलांटा, 2000 सिडनी पैरालंपिक्स और 2008 बीजिंग पैरालंपिक्स में भारत कोई पदक नहीं जीत सका था।
खेलों के अनुसार पैरालंपिक में भारत के पदक
| खेल |
स्वर्ण |
रजत |
कांस्य |
कुल |
| एथलेटिक्स |
5 |
11 |
7 |
23 |
| निशानेबाजी |
3 |
2 |
4 |
9 |
| बैडमिंटन |
3 |
3 |
3 |
9 |
| तैराकी |
1 |
0 |
0 |
1 |
| टेबल टेनिस |
0 |
1 |
0 |
1 |
| तीरंदाजी |
0 |
0 |
2 |
2 |
| पावरलिफ्टिंग |
0 |
0 |
1 |
1 |
| कुल |
12 |
17 |
17 |
46 |
भारत ने 2004 एथेंस पैरालंपिक्स में दो, 2012 लंदन पैरालंपिक्स में एक, 2016 रियो पैरालंपिक्स में चार पदक जीते थे। 2004 में भारत 53वें स्थान पर, 2012 में 67वें स्थान पर और 2016 में 43वें स्थान पर रहा था। अब पेरिस पैरालंपिक्स में भारत के पास इतिहास रचने का मौका है। टोक्यो पैरालंपिक में 19 पदक भारत के हिस्सा में आए थे। इस बार अगर भारत 20 पदक जीतता है तो रिकॉर्ड बन जाएगा। पेरिस ओलंपिक में भारतीय दल के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पैरालंपिक्स में भारतीय एथलीट्स देशवासियों के चेहरे पर खुशियां लेकर आए हैं। भारत ने पेरिस ओलंपिक 2024 में कुल छह पदक जीते थे। भारत ने अब तक पैरालंपिक्स में कुल 12 स्वर्ण, 17 रजत और 17 कांस्य समेत कुल 46 पदक जीते हैं।
पैरालंपिक्स में एक से ज्यादा पदक जीतने वाले एथलीट्स
| एथलीट |
खेल |
खेलों के साल |
स्वर्ण |
रजत |
कांस्य |
कुल |
| देवेंद्र झाझरिया |
एथलेटिक्स |
2004, 2016, 2020 |
2 |
1 |
0 |
3 |
| अवनि लेखरा |
निशानेबाजी |
2020, 2024 |
2 |
0 |
1 |
3 |
| सुमित अंतिल |
एथलेटिक्स, श Shooting |
2020, 2024 |
2 |
0 |
0 |
2 |
| मरियप्पन थांगावेलु |
एथलेटिक्स |
2016, 2020 |
1 |
1 |
0 |
2 |
| मनिष नारवाल |
निशानेबाजी |
2020, 2024 |
1 |
1 |
0 |
2 |
| निशाद कुमार |
एथलेटिक्स |
2020, 2024 |
0 |
2 |
0 |
2 |
| योगेश कथुनिया |
एथलेटिक्स |
2020, 2024 |
0 |
2 |
0 |
2 |
| सुहास एलवाई |
बैडमिंटन |
2020, 2024 |
0 |
2 |
0 |
2 |
| जोगिंदर सिंह बेदी |
एथलेटिक्स |
1984 |
0 |
1 |
2 |
3 |
| सिंहराज अधाना |
निशानेबाजी |
2020 |
0 |
1 |
1 |
2 |
| प्रीती पाल |
एथलेटिक्स |
2024 |
0 |
0 |
2 |
2 |