सेंट लूसिया की जूलियन अल्फ्रेड ने शनिवार को ओलंपिक महिला 100 मीटर दौड़ स्पर्धा में खिताब की प्रबल दावेदार शा'कैरी रिचर्डसन को हराकर सेंट लूसिया के लिए इन खेलों में पहला पदक अपने नाम किया। अल्फ्रेड शनिवार के फाइनल से पहले किसी प्रमुख आउटडोर चैंपियनशिप में पोडियम फिनिश नहीं कर पाई थीं। उन्होंने स्वर्ण पदक के लिए 10.72 सेकंड का समय निकाला और अमेरिका की रिचर्डसन ने 10.87 सेकंड के समय के साथ रजत और हमवतन मेलिसा जेफरसन ने 10.92 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता।
महिलाओं की 100 मीटर स्प्रिंट में विश्व चैंपियन रिचर्डसन को इस इवेंट को जीतने और 1996 में गेल डेवर्स के बाद स्वर्ण जीतने के लिए पसंदीदा माना जा रहा था। हालांकि, 24 वर्षीय इस एथलीट को जूलियेन ने आउटक्लास कर दिया। जूलियेन के स्वर्ण ने सेंट लूसिया को ओलंपिक में किसी भी रंग का पहला पदक दिलाया। द्वीप राष्ट्र ने केवल 1996 में खेलों में प्रतिस्पर्धा शुरू की। स्वर्ण जीतने के बाद जूलियेन रो पड़ीं। इसके बाद उन्होंने अपने देश के झंडे में खुद को लपेट लिया और अपने अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों को गले लगाने लगीं।
इससे पहले ओलंपिक में महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में दो बार की स्वर्ण पदक विजेता शेली एन फ्रेजर प्राइस अज्ञात चोट के कारण पेरिस ओलंपिक खेलों की इस स्पर्धा से हट गई थीं। सेमीफाइनल में उनके नाम के आगे 'डिड नॉट स्टार्ट' का टैग लगा था। हालांकि, तब इसके कारणों का पता नहीं चल सका था। उन्होंने सेमीफाइनल की दौड़ शुरू होने से पहले हटने का फैसला किया था। ओलंपिक अधिकारियों के अनुसार उनकी चोट अज्ञात है।
टीम मैनेजर लुडलो वॉट्स ने जमैका ऑब्जर्वर से कहा, 'हमें केवल इतनी जानकारी मिली है कि वह चोटिल है। टीम का एक डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है।' फ्रेजर प्राइस ने बीजिंग ओलंपिक 2008 और लंदन ओलंपिक 2012 में 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने कहा था कि यह उनका पांचवा और अंतिम ओलंपिक होगा।
उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया पर जारी अपनी पोस्ट में अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया लेकिन अपनी चोट के बारे में खास जानकारी नहीं दी। यह स्टार एथलीट पहले राउंड में 10.92 सेकंड के साथ अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रही थी। हालांकि, अब बिना किसी पदक के ही अपने आखिरी ओलंपिक का अंत किया।