अमेरिका में पांच नवंबर को होने वाले आम चुनावों के लिए रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रंप ने सोमवार की रात फॉक्स न्यूज पर एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'मेरा मानना है कि उद्घाटन समारोह अपमानजनक था। मैं वास्तव में मानता हूं कि यह अपमानजनक था। मैं खुले विचारों वाला व्यक्ति हूं, लेकिन मुझे लगता है, उन्होंने जो किया वह गलत था।'
इससे पहले हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने भी उद्घाटन समारोह की आलोचना की थी। जॉनसन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'लास्ट सपर का मजाक उड़ाना ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह को देखने वाले दुनिया भर के ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए हैरानी भरा और अपमानजनक था।' उन्होंने कहा, 'आज हमारी आस्था और पारंपरिक मूल्यों पर किए जा रहे प्रहार की कोई सीमा नहीं है, लेकिन हम जानते हैं कि सच्चाई और सदाचार की हमेशा जीत होगी। रोशनी अंधेरे में उजाला बिखेरती है और अंधेरा उस पर कभी काबू नहीं पा सका है।'
डोनाल्ड ट्रंप के सबसे बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर भी ओलंपिक में ड्रैग एक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। ट्रंप जूनियर ने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा, 'मेरी मां एक ओलंपियन (चेक नेटल स्की टीम) थीं और एक बच्चे के रूप में हम खेलों से पहले हफ्तों तक उत्साहित रहते थे। अब मुझे नहीं लगता इसको लेकर कोई उत्साहित रहता है और हाइलाइट्स देखकर ही काम चला लेता है। यह बहुत शर्म की बात है कि जो घटना इतना राष्ट्रीय गौरव पैदा करती थी, वह अब उदासीनता पैदा करती है। जागृत विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए खेलों का उपयोग करने से खेलों का किसी भी चीज से कोई लेना-देना नहीं है।'
वहीं, टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलोन मस्क ने इस मुद्दे पर अब हटाए गए ट्वीट के जवाब में कहा था- ईसाइयों के प्रति अपमानजनक। भारत में भी नेताओं ने इसकी आलोचना की है। मेघालय के सीएम कॉनराड संगमा ने एक्स पर कहा, 'पेरिस ओलंपिक में 'लास्ट सपर' को दर्शाने वाले ड्रैग एक्ट से बहुत निराश हूं। धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। इस तरह के कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं।' अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत भी इससे नाखुश थीं। अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट में रनौत ने इस कृत्य की आलोचना करते हुए इसे 'द लास्ट सपर' का अत्यधिक कामुक, निंदनीय प्रस्तुतिकरण बताया, जो दुनिया की सबसे प्रसिद्ध कला कृतियों में से एक है।