भारतीय हॉकी टीम शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची। इस दौरान उनका भव्य स्वागत हुआ। भारतीय खिलाड़ियों के इंतजार में फैंस सुबह से ही एयरपोर्ट के बाहर जमा हो गए थे। वहीं, भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ियों ने वापसी के बाद दिल्ली एयरपोर्ट के बाहर जमकर जश्न मनाया। ढोल-नगाड़ों की थापों पर सब जमकर थिरके और पदक जीतने की खुशी मनाई।
भारतीय हॉकी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने लगातार दूसरे ओलंपिक में पदक जीतने पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "ओलंपिक में लगातार दो पदक जीतकर हम वाकई बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं...मेरी बेटी ने भी मेरा बहुत साथ दिया। वह मेरा हौसला बढ़ा रही थी और वह मनु भाकर की बहुत बड़ी प्रशंसक है। इसलिए, वह भविष्य में शूटिंग में शामिल हो सकती है...भारत में माता-पिता भी अपने बच्चों को हॉकी खेलने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं जो बहुत अच्छी बात है...हमें पूरे देश से बहुत प्यार मिला। हॉकी के सुनहरे दिन वापस आ गए हैं...हम यह पदक गोलकीपर पीआर श्रीजेश को समर्पित करना चाहते हैं जिन्होंने अपना आखिरी ओलंपिक खेला।"
भारतीय हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में 41 साल का पदक का सूखा समाप्त किया था और मनप्रीत सिंह की अगुआई में कांस्य पदक जीता था। पेरिस में भारत ने अपने पदक को बरकरार रखा। भारत ने कांस्य पदक के मुकाबले में स्पेन को 2-1 से हरा दिया। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत को जर्मनी के हाथों 3-2 से हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने 1980 में मॉस्को ओलंपिक के बाद से इन खेलों में अब तक स्वर्ण नहीं जीता है।
ओलंपिक में जिस खेल में भारत को सबसे ज्यादा सफलता मिली है वो हॉकी ही है। भारत अब तक हॉकी में कुल 13 पदक जीत चुका है जिसमें आठ स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 52 साल बाद लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं। इससे पहले 1968 और 1972 में ऐसा हुआ था।